राहुल नहीं, अखिलेश संभाले कमान.. इंडिया ब्लॉक में क्यों मची है खलबली?
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UP Politics: बिहार चुनाव के नतीजों के बाद इंडिया ब्लॉक में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा. खासकर बिहार में कांग्रेस के प्रदर्शन से इंडिया ब्लॉक के क्षत्रिय दल बैकफुट पर हैं. इसी क्रम में समाजवादी पार्टी की तरफ से पूर्व विधायक रविदास मेहरोत्रा ने आवाज उठाई है कि इंडिया ब्लॉक की कमान अखिलेश यादव को मिलनी चाहिए.
लखनऊ. बिहार चुनाव के जनादेश के बाद इंडी गठबंधन में ‘रार’ देखने को मिल रही है. 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले इंडी गठबंधन में भी सुगबुगाहट शुरू हो गई है. वैसे तो 2026 में बंगाल, केरल और असम जैसे राज्यों में चुनाव होना है, लेकिन इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व को लेकर दरार उत्तर प्रदेश में दिखनी शुरू हो गई है. इद्निअ ब्लॉक की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी समाजवादी पार्टी की तरफ से यह मांग उठी है कि गठबधन की कमान अब राहुल गांधी नहीं अखिलेश यादव को समभालनि चाहिए.
2027 में कांग्रेस को बस इतनी सीट देने के मूड में सपा
उन्होंने कहा कि गठबंधन के बाकी छोटे दल भी यही चाहते हैं कि अखिलेश यादव आगे बढ़कर गठबंधन का नेतृत्व करें. मेहरोत्रा का मानना है कि सपा की ताकत और जनाधार को देखते हुए अखिलेश यादव ही गठबंधन को मजबूती से आगे ले जा सकते हैं. यह महज एक बयान नहीं है, बल्कि समाजवादी पार्टी के अंदरखाने से आ रही खबर के मुताबिक 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी कांग्रेस को महज 30 से 35 सीट देने के मूड में हैं. यह स्थिति कांग्रेस को असहज करने वाली है. क्योंकि कांग्रेस 2024 लोकसभा चुनाव के बाद से ही यूपी में बराबरी की बात करती आ रही है. लेकिन बिहार में 61 सीटों पर चुनाव लड़कर पार्टी महज 6 सीट ही जीत पाई. लिहाजा सपा अब कांग्रेस को 2022 के विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन पर ही सीट शेयरिंग करना चाहती है.
योगी के मंत्री का पलटवार
वहीं, सपा नेता के इस बयान पर योगी सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने तीखा पलटवार किया है. दयाशंकर सिंह ने कहा कि चाहे कोई भी लीडरशिप करे, लेकिन इन लोगों को तो लीडरशिप मिलने वाली नहीं है. ये लोग सिर्फ अपनी पार्टी और अपने घर तक ही सीमित हैं. मंत्री ने सपा के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ये सिर्फ हवा-हवाई बातें हैं.
सपा में चल रही मंथन
सपा के भीतर अखिलेश यादव को INDIA गठबंधन का चेहरा बनाने की चर्चा पिछले कुछ दिनों से तेज हो गई है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि 2024 लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में मिली सफलता के बाद सपा नेतृत्व इस दिशा में सक्रिय हो गया है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर गठबंधन के अन्य दलों से भी औपचारिक बातचीत हो सकती है. फिलहाल दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच यह बयानबाजी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है.

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें
अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार… और पढ़ें