रिश्तेदारों को नहीं, यहां दें शादी का पहला कार्ड, सात जन्मों तक नहीं छूटेगा साथ

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रिश्तेदारों को नहीं, यहां दें शादी का पहला कार्ड, सात जन्मों तक नहीं छूटेगा साथ


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Vankhandeshwar Mahadev Temple Aligarh : ऐसा कोई नियम नहीं होता कि पहला कार्ड किसको देना है. जहां नियम नहीं, वहां मान्यता है. ऐसी ही अनूठी मान्यता वनखंडेश्वर महादेव मंदिर से जुटी है.

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रिश्तेदारों या दोस्तों को नहीं, यहां दिया जाता है शादी का पहला कार्ड

हाइलाइट्स

  • शादी का पहला निमंत्रण वनखंडेश्वर मंदिर को दिया जाता है.
  • मंदिर में तय होने वाले वैवाहिक संबंध सफल माने जाते हैं.
  • अलीगढ़ का वनखंडेश्वर महादेव मंदिर 400 साल पुराना है.

अलीगढ़. शादी-विवाह या अन्य अवसरों पर लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को निमंत्रण भेजते हैं. आमतौर पर ऐसा कोई नियम नहीं होता कि पहला कार्ड किसको देना है. हालांकि, कुछ जगहों पर लोग अपने घर के पूजा स्थल पर पहला कार्ड चढ़ा देते हैं. ऐसी ही एक मान्यता उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में है जहां शादी का पहला निमंत्रण एक मंदिर को दिया जाता है. मंदिर में शादी का पहला निमंत्रण आना और यहां रिश्ते तय करना शुभ माना जाता है. अलीगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर कस्बा जलाली में प्राचीन सिद्धपीठ श्री वनखंडेश्वर महादेव मंदिर है.

महादेव के इस मंदिर में विवाह के लिए यहां वर-वधू को देखने और रिश्ता तय करने को लोग शुभ मानते हैं. इस मंदिर में तय होने वाले वैवाहिक संबंध सफल होते हैं. यही वजह है कि इस क्षेत्र में होने वाली शादी का पहला निमंत्रण इस मंदिर को आता है. इस वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में सावन और महाशिवरात्रि पर भक्तों की भारी भीड़ होती है. सावन में कस्बा पुल से लगभग 300 मीटर दूर स्थित इस मंदिर तक मेला लग जाता है.

400 साल पुराना शिवलिंग

मंदिर कमेटी के सदस्य आचार्य सुनील सिंह बताते हैं कि करीब 400 साल पहले अंग्रेजी शासन काल में यहां स्थित अपर गंग नहर की मछुआ झाल से मछुआ रजबहा निकाला गया था. उसकी खुदाई के दौरान यहां शिवलिंग निकला. मजदूरों ने पत्थर समझकर उसे उखाड़ना चाहा तो कोई ओर छोर ही नहीं मिला. यहां श्रद्धालु कावड़ चढ़ाने से लेकर दंडवती तक लगते हैं और जलाभिषेक और रुद्राभिषेक भी होता है.

हर मनोकामना पूरी

आचार्य सुनील सिंह के अनुसार, महादेव के स्वयं प्रकट होने के बाद बुद्धजीवी लोगों ने इसे यहां स्थापित किया. इसे वन खंडेश्वर महादेव मंदिर का नाम दिया गया. तब से मान्यता है कि किसी भी वर-वधू के शादी का पहला निमंत्रण यहां दिया जाता है. ऐसे जोड़े की शादी हमेशा सफल होती है. सफल न हुई हो ऐसा आज तक नहीं हुआ. यहां जो भी अपनी मनोकामना लेकर आता है तो उसकी मनोकामना पूर्ण होती है.

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रिश्तेदारों को नहीं, यहां दें शादी का पहला कार्ड, कभी नहीं छूटेगा साथ



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