शादी, बेटी और फिर मौत… ध्रुव और सौम्या की कहानी, अस्पताल वालों ने ले ली जान?
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Ghaziabad News: यूपी के गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल पर एक गर्भवती महिला के इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगा है. 20 जनवरी को सीजेरियन डिलीवरी के बाद महिला की तबीयत बिगड़ी और दो दिन बाद उसकी मौत हो गई. परिजन अब इंसाफ की मांग कर रहे हैं. सीएमओ ने तीन डॉक्टरों का बोर्ड बनाकर जांच शुरू कर दी है.
गाजियाबाद में महिला की डिलीवरी के बाद मौत.
गाजियाबादः यूपी के गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल पर एक गर्भवती महिला के इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगा है. 20 जनवरी को सीजेरियन डिलीवरी के बाद महिला की तबीयत बिगड़ी और दो दिन बाद उसकी मौत हो गई. परिजन अब इंसाफ की मांग कर रहे हैं. सीएमओ ने तीन डॉक्टरों का बोर्ड बनाकर जांच शुरू कर दी है. ये दर्दनाक कहानी है यूपी के गाजियाबाद में रहने वाले ध्रुव और उनकी पत्नी सौम्या की. ध्रुव एक IT प्रोफेशनल हैं, उनकी पत्नी एक हाउसवाइफ थी. 10 महीने पहले ही ध्रुव और सौम्या की एक-दूसरे से सादी हुई थी. 25 दिन की बेटी को अपनी मां का प्यार नहीं नसीब हुआ. घर में मातम पसरा हुआ है.
शादी के महज 10 महीने बाद पत्नी की मौत
शादी की शहनाई और परिवार की खुशियों के बीच शुरू हुई ये कहानी अब मातम में बदल चुकी है. ध्रुव के परिजनों का कहना है पत्नी के प्रेग्नेंट होने पर 6 दिसंबर को पहली बार वे अपनी पत्नी को शांति गोपाल अस्पताल लेकर गए थे, जहां नियमित चेकअप हुआ. डॉक्टरों ने कुछ कॉम्प्लिकेशन बताए और इलाज शुरू हुआ. दिसंबर से जनवरी तक लगातार इलाज चलता रहा. अस्पताल के कहने पर सभी जरूरी टेस्ट कराए गए, यहां तक कि हार्ट इको भी कराया गया, जिसकी रिपोर्ट सामान्य आई.
बार-बार सिजेरियन की दी जा रही थी सलाह
उस समय तक गर्भ में पल रही बच्ची की ग्रोथ भी ठीक बताई गई. परिवार की इच्छा सामान्य डिलेवरी की थी. लेकिन 20 जनवरी को अचानक महिला की तबीयत बिगड़ने लगी. परिजनों का आरोप है कि पहले कहा गया कि बच्ची की हार्ट बीट कम है और तुरंत सीजेरियन करना होगा. परिवार से नॉर्मल डिलीवरी की जिम्मेदारी पति के नाम पर अंडरटेकिंग भी लिखवाई गई. फिर दोबारा अल्ट्रासाउंड कराया गया, जिसमें बच्चा फिट बताया गया. लेकिन फ़िर हालत गंभीर होने पर परिवार ने सीजेरियन के लिए हामी भर दी. ऑपरेशन हुआ और बेटी का जन्म हुआ. लेकिन खुशी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी.
एनेस्थीसिया के बााद पत्नी की बिगड़ी तबीयत
परिजनों का कहना है कि एनेस्थीसिया देने के बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी, सांस लेने में दिक्कत हुई और हार्ट फेलियर हो सकता है. ऐसी बात अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा कही गई. स्थिति गंभीर देख डॉक्टरों ने बड़े अस्पताल मैक्स में रेफर किया. परिजन तुरंत एम्बुलेंस से महिला को मैक्स अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पूरी रात सीपीआर देकर सौम्या की जान बचाने की कोशिश की गई, लेकिन 22 जनवरी की सुबह महिला ने दम तोड़ दिया.
परिवार ने हर जगह दर्ज कराई शिकायत
मृतका के पति का आरोप है कि इलाज में लापरवाही की वजह से उनकी पत्नी की जान गई. वो समझ न पा रहे जब डिलिवरी में बेटी तंदुरुस्त थी तो अचानक मा को हार्ट फेलियर कैसे हो गया. जन्म के तुरंत बाद बेटी को NICU में अस्पताल में रख दिया मा बेटी को देख तक न पाई. अब घर में बुजुर्ग मां नवजात बच्ची की देखभाल कर रही हैं, जबकि पति अकेले ही परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. अब तक करीब तीन लाख रुपये इलाज में खर्च हो चुके हैं. परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उत्तर प्रदेश के डायरेक्टर जनरल हेल्थ और यूपी सरकार की जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दी गई है.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें