शाहजहांपुर के कई रंग! Holi पर तिरपाल से ढकी मस्जिदें… तो एक मस्जिद पर होली मिलन

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शाहजहांपुर के कई रंग! Holi पर तिरपाल से ढकी मस्जिदें… तो एक मस्जिद पर होली मिलन


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Holi 2025 : होली को रंगों का त्योहार कहा जाता है. लेकिन इस होली पर शाहजहांपुर में कई रंग देखने को मिलते हैं. एक तरफ होली के दिन शाहजहांपुर में मस्जिदों को तिरपाल से ढक दिया जाता है. वहीं एक मस्जिद ऐसी भी है जिस…और पढ़ें

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होली

हाइलाइट्स

  • शाहजहांपुर में होली पर मस्जिदों को तिरपाल से ढका जाता है.
  • भटपुरा रसूलपुर में मुस्लिम समुदाय होली मिलन कार्यक्रम आयोजित करता है.
  • होली मिलन में हिंदू-मुस्लिम मिलकर होली खेलते हैं.

शाहजहांपुर : रंगों का त्योहार भारत और नेपाल में धूमधाम के साथ मनाया जाता है. वहीं उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में होली का त्योहार बेहद अनोखे ढंग से मनाया जाता है. यहां होली के दिन दो अलग-अलग तस्वीर देखने को मिलती हैं. यहां एक ओर होली के दिन महानगर क्षेत्र में मुस्लिम धार्मिक स्थलों को ढक दिया जाता है तो वहीं दूसरी ओर यहां की मॉडल ग्राम पंचायत भटपुरा रसूलपुर में होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन मुस्लिम समुदाय द्वारा किया जाता है जो कि गंगा जमुनी तहजीब का नायाब उदाहरण है.

दरअसल, शाहजहांपुर की होली अनोखी और विश्व विख्यात है. यहां होली के दिन लाट साहब का जुलूस निकाला जाता है. इस जुलूस में हजारों की संख्या में लोग शामिल होते हैं. जुलूस में सबसे आगे भैंसा गाड़ी पर बैठे लाट साहब का स्वागत जूतों और झाड़ुओं से किया जाता है. जुलूस को संपन्न करने के लिए पुलिस प्रशासन करीब 1 महीने पहले से तैयारी शुरू कर देता है. वहीं दूसरी ओर ठीक इसके उलट गांव भटपुरा रसूलपुर में होली मिलन के कार्यक्रम का आयोजन मुस्लिम समुदाय द्वारा पिछले कई दशकों से किया जाता आ रहा है.

शहर में निकलता है लाट साहब का जुलूस
शहर के चौक क्षेत्र के फूलमती माता मंदिर से पूजा अर्चना के बाद निकलने वाला लाट साहब का जुलूस शहर के अलग-अलग मार्गो से होते हुए थाना सदर बाजार क्षेत्र स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंचता है यहां जुलूस का समापन होता है. इस दौरान जुलूस मार्ग में पड़ने वाले मुस्लिम धार्मिक स्थलों को तिरपाल से ढक दिया जाता है ताकि जुलूस में शामिल कोई हुड़दंगी धार्मिक स्थल पर रंग ना डाल दे. जिससे आपसी सौहार्द या धार्मिक भावनाओं को कोई ठेस पहुंचे. धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए बेरिकेटिंग की जाती है और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाते हैं.

मस्जिद की चौपाल पर होली मिलन का कार्यक्रम
एक और यहां महानगर क्षेत्र में जुलूस के दौरान धार्मिक मुस्लिम धार्मिक स्थलों को ढक दिया जाता है तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश की मॉडल ग्राम पंचायत भटपुरा रसूलपुर में गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की जाती है. यहां होली के दिन हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मिलकर होली खेलते हैं. इतना ही नहीं यहां होली मिलन के कार्यक्रम का आयोजन भी मुस्लिम समुदाय की ओर से ही कराया जाता है.

होली और ईद दोनों पर माहौल एक जैसा
भटपुरा रसूलपुर के रहने वाले नसरुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि होली के दिन मस्जिद के बाहर चौपाल पर होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. यहां सब लोग मिलकर एक दूसरे को गुलाल लगाते हैं और गुझिया खिलाकर होली की बधाई देते हैं. यह सिलसिला पिछले कई दशकों से चला आ रहा है. इतना ही नहीं यहां ईद के मौके पर भी सब लोग एक दूसरे के घर जाकर ईद की सेवई खाते हैं.

मिलजुल कर मनाते हैं होली
भटपुरा रसूलपुर के ग्राम प्रधान अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि उनके गांव की कुल आबादी 5000 है. यहां 3714 मतदाता है. खास बात यह है कि भटपुरा रसूलपुर ग्राम पंचायत में मुस्लिम आबादी करीब 65% है. लेकिन यहां दोनों समुदाय के लोग सभी त्योहार आपस में मिलजुल कर मनाते हैं. होली के दिन आखत डालने के बाद सभी लोग मस्जिद के बाहर चौपाल पर पहुंचते हैं. मुस्लिम समुदाय द्वारा होली मिलन के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. यहां दोनों समुदाय के लोग एक दूसरे के गले मिलकर होली की शुभकामनाएं देते हैं.

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