सड़क हादसे में घायलों को पहुंचाइए अस्पताल और पाइए 25000 इनाम…यहां जानिए कैसे बनें राहवीर
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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रशासन अब गंभीर कदम उठा रहा है।खासकर सर्दियों के मौसम में घने कोहरे के कारण हादसों की संख्या में इजाफा हो जाता है। कई बार समय पर घायलों को इलाज न मिल पाने की वजह से उनकी जान चली जाती है। इन्हीं दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु दर को शून्य करने के उद्देश्य से प्रशा
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रशासन अब गंभीर कदम उठा रहा है. खासकर सर्दियों के मौसम में घने कोहरे के कारण हादसों की संख्या में इजाफा हो जाता है. कई बार समय पर घायलों को इलाज न मिल पाने की वजह से उनकी जान चली जाती है. इन्हीं दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु दर को शून्य करने के उद्देश्य से प्रशासन ने लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ “राहवीर योजना” को प्रभावी ढंग से लागू करना शुरू किया है.
क्या है राहवीर योजना
जिले में लगभग प्रतिदिन सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें कई लोग अपनी जान गंवा रहे हैं, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं. दुर्घटना के बाद सबसे अहम भूमिका समय पर मदद की होती है, लेकिन अक्सर लोग पुलिस पूछताछ, कोर्ट-कचहरी और कानूनी झंझटों के डर से घायलों की सहायता करने से कतराते हैं. इसी मानसिकता को बदलने और घायलों की जान बचाने के लिए भारत सरकार की ओर से राहवीर योजना शुरू की गई है.
राहवीर को मिलेगा 25 हजार का इनाम
इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचाने या उसकी मदद करने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि मदद करने वाले व्यक्ति से न तो अनावश्यक पूछताछ की जाएगी और न ही उसे पुलिस या अदालतों के चक्कर काटने पड़ेंगे. प्रशासन का उद्देश्य है कि लोग बिना किसी भय के आगे आकर मानवता का परिचय दें.
क्या है मकसद
मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखीमपुर खीरी डॉ. संतोष कुमार गुप्ता ने न्यूज़ 18 लोकल से बातचीत में बताया कि राहवीर योजना का मुख्य लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि कई बार देखा गया है कि दुर्घटना के बाद घायल सड़क पर पड़ा रहता है, लोग केवल तमाशबीन बने रहते हैं और एम्बुलेंस के जरिए उसे समय से अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता, जिससे उसकी मौत हो जाती है. इस स्थिति को बदलने के लिए ही यह योजना लागू की गई है.
दुर्घटना में घायल की मदद करना एक नेक कार्य
डॉ. गुप्ता ने बताया कि प्रशासन लगातार लोगों को राहवीर योजना के प्रति जागरूक कर रहा है. दुर्घटना में घायल की मदद करना न सिर्फ एक नेक कार्य है, बल्कि यह मानवता का सबसे बड़ा धर्म भी है. ऐसे मददगार व्यक्ति को “राहवीर” कहा जाएगा और उसे किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. प्रशासन को उम्मीद है कि इस योजना से सड़क हादसों में होने वाली मौतों में कमी आएगी और ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सकेगी.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें