सफेद या लाल…किस आलू की डिमांड ज्यादा, कौन सबसे अच्छा? गाजीपुर की मंडी में आई नई आवक
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Which is better white or red potatoes : गाजीपुर की मंडियों में नए आलू की आवक तेज हो गई है. इस समय बाजार में पहाड़ी इलाकों, हरियाणा और पंजाब से आए नए आलुओं का दबदबा है. इसका रेट ₹2000 प्रति क्विंटल के आसपास बना हुआ है. सबसे ज्यादा मांग सफेद आलू की है, लेकिन बेहतर कौन है, लाल या सफेद? आइये जानते हैं.
गाजीपुर. नए आलू की आवक गाजीपुर की मंडियों में नवंबर 2025 से तेज हो गई है. स्थानीय सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि इस समय बाजार में पहाड़ी इलाकों, हरियाणा और पंजाब से नए आलू की आपूर्ति लगातार बढ़ रही है. इसी वजह से मंडियों में आलू का रेट लगभग ₹2000 प्रति क्विंटल के आसपास बना हुआ है. गाजीपुर के सब्जी विक्रेता गजानंद लोकल 18 से बताते हैं कि इस समय जो नया आलू आ रहा है, वह ज्यादातर पहाड़ों, हरियाणा और पंजाब से आ रहा है. सबसे ज्यादा मांग सफेद आलू की है. लाल आलू अभी भी सिर्फ ‘पुराने आलू’ के रूप में मिल रहा है, क्योंकि लाल आलू जल्दी नहीं गलता और महीनों तक स्टोर हो सकता है.
डिमांड में कौन ज्यादा
नया आलू गाजीपुर मंडी में पहुंच चुका है और खरीदारों के बीच अच्छी मांग दिख रही है. खासतौर पर सफेद आलू ज्यादा पसंद किया जा रहा है, क्योंकि इसका छिलका नर्म होता है, पकने में आसान होता है और इसे “सीजन का ताजा आलू” माना जाता है. स्थानीय सब्जी विक्रेता गजानंद सहित कई खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि ग्राहक इस समय पुराने आलू के मुकाबले नया सफेद आलू ही मांग रहे हैं. चाट, टिक्की और रोजमर्रा की सब्जी बनाने वाले घरों और होटलों में भी इसकी पूछ ज्यादा है.
कब बदली स्थिति
भारी बरसात के दौरान लंबे समय तक नया आलू बाजार में उपलब्ध नहीं था. उस समय पुराना आलू चल रहा था, जिसका रेट लगभग ₹1900 क्विंटल था. अब मौसम खुलते ही नया आलू बाजार में उतर रहा है और उसकी कीमत स्थिर बनी हुई है. नया आलू मुख्य रूप से हिमाचल और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी क्षेत्रों, पंजाब और हरियाणा के मैदानी हिस्सों से गाजीपुर पहुंच रहा है. इन तीनों स्रोतों की सप्लाई ने इलाके में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखी है. तीनों राज्यों से बढ़ी सप्लाई ने कीमतों को स्थिर रखा है.
कौन बेहतर
सफेद आलू नया होने के कारण जल्दी पकता है और स्वाद में हल्का मीठा होता है. लेकिन इसकी कमजोरी यह है कि यह जल्दी गल भी जाता है, इसलिए दुकानदार इसे केवल नए माल के रूप में ही बेचते हैं. लाल आलू पुराना होते हुए भी बिक रहा है क्योंकि यह टिकाऊ होता है और पकाने में जल्दी नहीं टूटता.
Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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