सरसों में लगे माहू और अफिड को ऐसे करें दूर, एक्सपर्ट ने बताए नेचुरल और केमिकल वाले दोनों तरीके

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सरसों में लगे माहू और अफिड को ऐसे करें दूर, एक्सपर्ट ने बताए नेचुरल और केमिकल वाले दोनों तरीके


Agency:News18 Uttar Pradesh

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Mustard Aphid control pesticide: किसानों के सामने फसल को बोने से लेकर उसे तैयार करने और मंडी में बेचने तक बड़ी दिक्कतें होती हैं. कभी सूखा तो कभी पानी ही पानी. इससे बचे तो फसलों में तमाम तरह के रोग और कीट लगे र…और पढ़ें

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सरसों की खेती.

गोंडा: सरसों की फसल में माहू (अफिड) कीट एक गंभीर समस्या है. यह पौधों का रस चूसकर फसल के उत्पादन को नुकसान पहुंचाता है. इससे सरसों का उत्पादन काफी प्रभावित होता है. ऐसे में सरसों की फसल को माहू से बचाना बहुत जरूरी है. बचाने के लिए बाजार में वैसे तो तमाम तरह की दवाइयां और पेस्टिसाइड मौजूद हैं. ये केमिकल युक्त उपाय फसल को रोग से तो बचाते हैं लेकिन फसल औऱ मिट्टी दोनों के लिए हानिकारक भी होते हैं. यही वजह है कि कई लोग अब कीटों औऱ फसलों के रोगों का जैविक औऱ प्राकृतिक तरीके से इलाज औऱ उपाय कर रहे हैं. आज हम आपको एक्सपर्ट के जरिए सरसों को माहू से बचाने के उपाय बताएंगे.

इसके लिए लोकल 18 ने कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर विनय पांडेय से बताचीत की. उन्होंने बताया कि माहू (अफिड) एक गंभीर प्रकार की सरसों में बीमारी होती है. इससे सरसों की फसल को काफी नुकसान होता है. इसके बचाव के लिए कुछ उपाय हैं जिससे किसान अपनी सरसों की फसलों को बचा सकते हैं. जब कीट नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे तो फसल का उत्पादन भी बढ़ेगा. नीम तेल स्प्रे, लहसुन-मिर्च का घोल, पीले चिपचिपे ट्रैप, इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL, थायोमेथोक्साम 25% WG , डाइमिथोएट 30% EC का छिड़काव करके माहू के प्रकोप को काम किया जा सकता है.

ये हैं जैविक उपाय
नीम तेल का स्प्रे: डॉ. विनय पांडेय ने अनुसार 5ml नीम तेल प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें.

लहसुन-मिर्च का घोल: डॉ. विनय पांडेय बताते हैं कि 50 ग्राम लहसुन और 50 ग्राम हरी मिर्च को पीसकर 1 लीटर पानी में मिलाएं और इसे छानकर छिड़कें.

पीले चिपचिपे ट्रैप: डॉक्टर विनय पांडेय बताते हैं कि माहू को आकर्षित करने के लिए खेत में पीले रंग के चिपचिपे कार्ड लगाएं.

ये हैं रासायनिक उपाय
इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL : डॉ विनय पांडेय ने बताया कि 0.5ml प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें.

थायोमेथोक्साम 25% WG : डॉ . विनय पांडेय के अनुसार 0.25 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़कें.

दवा छिड़काव में रखें ये सावधानी
डॉक्टर विनय पांडेय बताते है कि छिड़काव सुबह या शाम के समय करें ताकि दवा जल्दी न सूखे और असरदार रहे. जैविक उपायों को पहले अपनाएं, यदि अधिक प्रभाव न दिखे तो रासायनिक उपाय करें. डॉ. विनय पांडेय बताते हैं कि अधिक जानकारी के लिए नजदीकी कृषि अधिकारी या कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें.

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