सर्दियों की यह सब्जी स्वाद के साथ सेहत केबॉडी में खून ही नहीं बलबलाता, प्रोटीन का भी बाप है यह सब्जी, टेस्ट ऐसा कि लगेगा मटर..जानिए इसके अनगिनत फायदे लिए भी है वरदान, जानिए इसके फायदे
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Bakla Sabji Vehetables: सर्दियों के मौसम में बाजार में मिलने वाली बाकला सब्जी स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. बाकला सब्जी कई सारे माइक्रोन्यूट्रेंट्स होता है जो खून को बढ़ाता है. इतना ही नहीं बाकला सब्जी में प्रोटीन का भंडार छुपा है. ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से उपयोग में लाई जा रही यह पारंपरिक सब्जी आज फिर से लोगों की थाली में जगह बना रही है. बाकला सब्जी में फाइबर की मात्रा भरपूर होती है, जिससे पाचन तंत्र मजबूत रहता है. आइए इसके फायदों के बारे में जानते हैं.
सर्दियों के मौसम में कई ऐसी सब्जियां मिलती हैं जो सेहत के लिए अमृत समान है. इन्हीं में से एक है बाकला सब्जी. बाजार में मिलने वाली पारंपरिक बाकला सब्जी स्वाद और सेहत का अनोखा संगम है, यदि इसे सही तरीके से आहार में शामिल किया जाए, तो यह शरीर के लिए किसी औषधि से कम नहीं होती, इसे बनाने के लिए बाकला सब्जी को सरसों या तिल के तेल में कम मसालों के साथ पकाने से इसका पोषण बना रहता है और पाचन भी बेहतर होता है.

बाकला सब्जी को अंग्रेजी में Fava Beans या Broad Beans कहा जाता है. बाकला सब्जी को पोषक तत्वों का पावरहाउस मानी जाती है. यह न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि शरीर को जरूरी प्रोटीन और मिनरल्स देने में भी बहुत प्रभावी है. शाकाहारियों के लिए बाकला प्रोटीन का एक शानदार विकल्प है. यह मांसपेशियों की मरम्मत और शरीर के विकास में बहुत मदद करती है. बाकला सब्जी को दाल के साथ खाने से फाइबर और प्रोटीन का संतुलन बनता है, जिससे ऊर्जा लंबे समय तक बनी रहती है, प्रोटीन होने से शरीर को ताकत प्रदान होती है तो वही फाइबर की मात्रा होने से यह गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्या को भी कम करता है.

बाकला में घुलनशील और अघुलनशील फाइबर अच्छी मात्रा में होता है. यह पाचन को दुरुस्त रखता है, कब्ज दूर करता है और ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है. बाकला सब्जी में फोलेट की मात्रा भी अधिक होती है. फोलेट डीएनए निर्माण और कोशिकाओं के विभाजन के लिए जरूरी है. गर्भवती महिलाओं के लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद है क्योंकि यह भ्रूण के विकास में मदद करता है.
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रिसर्च के मुताबिक बाकला सब्जी में एल-डोपा नामक तत्व पाया जाता है, जो ब्रेन में डोपामाइन हार्मोन के स्तर को बढ़ाता है. डोपामाइन खुशी वाला हार्मोन है जो खुशी और शांति महसूस कराता है. इससे पार्किंसंस बीमारी के लक्षणों को कम करने में मददद मिलती है. बाकला में पोटेशियम और मैग्नीशियम भी होता है. पोटेशियम हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है और मैग्नीशियम धड़कनों को संतुलित रखता है.

बाकला सब्जी में आयरन और मैंगनीज का भंडार होता है. इसलिए यह शरीर में खून को भर देता है. यह खून की कमी को दूर करने और शरीर में ऑक्सीजन के संचार को बेहतर बनाने में मदद करता है. इसमें मैंगनीज जैसे पोषक तत्व भी होते हैं जो हड्डियों को फौलाद की तरह मजबूत बनाने में मदद करते हैं. इससे मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद मिलती है.

बाकला की सब्जी को लहसुन-जीरा का तड़का लगाएं, क्योकि लहसुन और जीरा के साथ तड़का लगाने से सब्जी की तासीर गर्म होती है, जो सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्माहट देती है. जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है, उनके लिए सप्ताह में 2–3 बार बाकला की सब्जी का सेवन बेहद लाभकारी है, यह कब्ज की समस्या को धीरे-धीरे कर कम करता है और पेट का पाचन तंत्र स्वस्थ करता है. बाकला की सब्जी आयरन की कमी को भी पूरा करने में काफी मदद करती है, बस इस सब्जी में थोड़ा नींबू निचोड़ने से आयरन का अवशोषण बेहतर होता है और खून की कमी में मदद मिलती है.