सर्दियों में नाक-गला हो गया है चोक, तो अपनाएं ये घरेलू उपाय, छूमंतर हो जाएगी समस्या, जानिए डॉक्टर की सलाह
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Health Tips: आगरा में कड़ाके की ठंड से फीवर, खांसी-जुकाम और गला चोक की शिकायतें बढ़ गई हैं. अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है. डॉक्टरों के अनुसार गुनगुना पानी पीना, गर्म कपड़े पहनना, हल्दी वाला पानी और तुलसी का काढ़ा अपनाकर सर्दी से बचाव किया जा सकता है.
आगरा : उत्तर प्रदेश के आगरा में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. ठंड के सितम में लोगों को फीवर, खांसी – जुखाम और गला चोक जैसी समस्या हो रही है. अस्पतालों में मरीजों की लाइन लगी हुई है. बड़ों से लेकर बच्चे सब बीमार हो रहे हैं, ऐसे में डॉक्टर मरीजों को एंटी बायटिक दवा को दे रहे हैं. आगरा के फिजिशियन डॉ. शैलेश ने कहा कि घरेलू उपचार से भी इनसे बचा जा सकता है. डॉक्टर ने कहा कि सर्दी में गुनगुना पानी पीना चाहिए. गले की सिकाई करनी चाहिए. सुबह और शाम के समय घर से निकलने से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि वुलन कपड़ों को पहने रहना चाहिए. नंगे पैर नहीं रहना चाहिए, शोक्स आदि ग्लब्स पहनना चाहिए.
घरेलू उपचार से सर्दी से कर सकते हैं बचाव
आगरा के फिजिशियन डॉक्टर शैलेश कुमार ने कहा कि कुछ घरेलु उपचार कर सर्दी से बचा जा सकता है. उन्होंने कहा कि सर्दियों में ठंडे पानी से बचाव करना चाहिए. सुबह और शाम के वक़्त जरूरी हो तभी घर से निकलना चाहिए. डॉक्टर ने कहा कि सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में एक चुटकी हल्दी डालाकर उसका सेवन करना चाहिए. हल्दी में एंटी ऑक्साइड गुण पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद है. सर्दियों में ठंड से बचने के लिए हल्दी रामबाण मानी जाती है. इसके अलावा सर्दियों में थोड़ी एक्सरसाइज भी करना जरूरी होता है, क्योंकि बॉडी को थोड़ा गर्म रखने के लिए मेहनत भी जरूरी है.
तुलसी के काढ़े से चौक गला होता है ठीक…
आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शैलेश कुमार ने बताया कि यदि सर्दियों में गला चौक हो गया है तो तुलसी का काढ़ा बना कर पीया जा सकता है. उन्होंने कहा कि काढ़े में तुलसी के पत्ते, काली मिर्च और लॉन्ग मिला कर पीने से राहत मिलती है. उन्होंने कहा कि दिन में दो या तीन बार इसका सेवन किया जा सकता है. इसके सेवन से बंद गले में राहत मिलती है. तुलसी हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है. चिकित्सक ने कहा कि अधिक समस्या होने पर नज़दीकी चिकित्सक से सम्पर्क करें…
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें