सर्दियों में पशुओं की गिरती सेहत और बांझपन से हैं परेशान, करें ये उपाय, बीमारी से मिलेगा छुटकारा
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Animal husbandry: पशुपालकों को कीट प्रबंधन से बचने के लिए इसके साथ ही विटामिन भरपूर मात्रा में उपलब्ध कराने के लिए हमें सतर्क रहने की जरूरत है ऐसे में पशुपालक की सतर्क नहीं रहते तो पशु कमजोर होने के साथ-साथ बांझपन का शिकार हो सकते हैं.
अमेठीः सर्दियों के मौसम में शुरुआत में और उतार-चढ़ाव होने में पशुओं को ज्यादा समस्या होने लगती है. सर्दियो की दस्तक देते ही दुधारू और अन्य पशुओं में सुस्ती, कमजोरी और शारीरिक गिरावट देखी जाने लगती है. विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में पशुओं के शरीर में खनिज तत्वों, विशेषकर कैल्शियम की भारी कमी हो जाती है. इसके साथ ही ‘किलनी’ जैसे परजीवी पशुओं का खून चूसकर उन्हें भीतर से खोखला कर देते हैं. विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो पशुओं की गर्भधारण क्षमता भी समाप्त हो सकती है.
कैल्शियम की कमी से दूध उत्पादन प्रभावित
ऐसे में पशुपालकों को इस समस्या से अपने पशुओं का ध्यान रखने के लिए उन पर ध्यान देने की जरूरत होती है. पशुओं को बीमारी से बचने के लिए पशुपालकों को उन्हें पर्याप्त मात्रा में संतुलित आहार के साथ-साथ सर्दियों से बचाने की जरूरत है. क्योंकि पशुओं में कैल्शियम की कमी उनके दूध उत्पादन और हड्डियों तक की मजबूती को प्रभावित करती है. ऐसे में पशु चिकित्सकों का मानना है नियमित रूप से पशुओं को तरल या पाउडर के रूप में नियमित कैल्शियम दें इसके साथ ही पशुपालक अपने पशुओं को संतुलित आहार भी दें. जिसमें पशु आहार में खल, चोकर और जरूरी मिनरल मिक्सचर को शामिल करें ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे.
किलनी नियंत्रित करने के लिए यह कर सकते हैं उपाय
सर्दियों के मौसम में पशुओं में अक्सर किलनी की समस्या हो जाती है अक्सर देखा गया है कि दवाओं के छिड़काव के बाद भी किलनी दोबारा पशुओं पर हमला कर देती हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि ये जमीन की दरारों और फर्श पर छिपे रहते हैं. ऐसे में इससे बचने के लिए और इस समस्या की हमेशा हमेशा के छुटकारे के लिए जहाँ पशु बांधे जाते हैं, वहाँ खाली स्थान पर पुवाल बिछाकर उसे सावधानीपूर्वक जला देना चाहिए. जिससे आग से जमीन में छिपे कीड़े और किलनी के अंडे नष्ट हो जाते हैं। जब जमीन साफ होगी, तो दवा का असर खत्म होने के बाद भी कीड़े दोबारा पशु पर नहीं चढ़ पाएंगे.
धूप का सेवन पशुओं के ले फायदेमंद
पशुओं को पर्याप्त धूप दिखाएं ताकि उनके शरीर में विटामिन-D का प्राकृतिक निर्माण हो सके इसकें साथ साफ-सफाई भी बेहद जरूरी है जिससे पशुपालन को को ध्यान देना बेहद आवश्यक है.
पशु विशेषज्ञ डॉक्टर बृजेश कुमार पांडे बताते हैं कि पशुओं की सेहत में गिरावट उनके बांझपन का कारण बन सकती है इसलिए आहार और स्वच्छता में लापरवाही न बरतें। जमीन का उपचार करना उतना ही जरूरी है जितना पशु के शरीर का।”उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता और सही प्रबंधन के साथ किसान भाई अपने पशुओं को सर्दियों की बीमारियों से बचा सकते हैं। सही समय पर कैल्शियम की आपूर्ति और आवास की वैज्ञानिक तरीके से सफाई ही पशुधन को सुरक्षित रखने का मूल मंत्र है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें