सहारनपुर का जाम खत्म! डीएम आवास मार्ग होगा चौड़ा और आसान, जानिए पूरा रास्ता
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Saharanpur शहर में सड़क विकास की योजना के तहत विभिन्न मार्गों का चौड़ीकरण किया जा रहा है, और अब जिला अस्पताल मार्ग को फोरलेन में बदला जाएगा. इस परियोजना से न केवल दर्जनों गांवों के लोग सीधे लाभान्वित होंगे, बल्कि शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी.
इस परियोजना के लिए शासन से लगभग 20 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है. इसका मुख्य उद्देश्य महानगर से टपरी मार्ग तक यातायात को आसान बनाना और जाम की समस्या से राहत दिलाना है. वहीं, रेलवे लाइन पर पुल निर्माण का कार्य लंबे समय से चल रहा है.

सहारनपुर में जिला अस्पताल के पास से गुजरने वाला यह मार्ग सीधे रेलवे लाइन को क्रॉस करता है और नागल रोड पर पड़ने वाले कई गांवों को जोड़ने में मदद करेगा. इससे शहर से लोग आसानी से देहात क्षेत्र में प्रवेश कर सकेंगे और शहर के जाम से बचेंगे.

विद्युत पोल और लाइनें शिफ्टिंग पूरी होने के बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा फोरलेन निर्माण का काम शुरू किया जाएगा. फोरलेन पूरी तरह बन जाने पर महानगर से टपरी मार्ग तक यातायात सुचारू रूप से चल सकेगा.
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लोक निर्माण विभाग को महानगर में चौधरी चरण सिंह चौक से एसबीडी जिला चिकित्सालय के पास तक सड़क को फोरलेन करने की स्वीकृति मिल गई है. वर्तमान में इस सड़क की चौड़ाई 7 से 10 मीटर है, जिसे 1,100 मीटर लंबाई में 14 मीटर चौड़ा करके फोरलेन किया जाएगा.

यह सड़क टपरी-नागल मार्ग का ही हिस्सा है. पेपर मिल फाटक पर रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के बाद, मेरठ-मुजफ्फरनगर और हरिद्वार से आने वाला यातायात शेखपुरा कदीम होते हुए महानगर में प्रवेश करता है, जिससे शहर में जाम की स्थिति बन रही है.

एसबीडी जिला चिकित्सालय के पीछे की ओर स्थित 800 मीटर लंबी सड़क को 7 मीटर से बढ़ाकर 10 मीटर चौड़ा किया जाएगा. यह सड़क लिंक मार्ग से जुड़कर देहरादून रोड पर स्थित जनकपुरी चौक को जोड़ती है. आरओबी का निर्माण पूरा होने के बाद, महानगर से चौधरी चरण सिंह चौक की ओर और चिकित्सालय के पास वाली सड़क पर यातायात बिना किसी रूकावट के सुचारू रूप से चलेगा.

पेपर मिल रोड पर वाहनों के जाम से राहत मिलने के साथ ही नए फोरलेन बनने पर महानगर से टपरी-नागल मार्ग पर आने-जाने वाले 30,000 से अधिक छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से हो सकेगा. अनुमान है कि आरओबी जून 2026 तक तैयार हो जाएगा.

दोनों सड़कों के निर्माण पर कुल 19 करोड़ 22 लाख रुपये की लागत आएगी. इसमें लोक निर्माण विभाग सिविल कार्यों पर नौ करोड़ रुपये खर्च करेगा, जबकि शेष 10 करोड़ रुपये बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग, नगर निगम के नलकूप और वन विभाग जैसे अन्य कार्यों पर लगाए जाएंगे.