सीएम योगी को प्रधानमंत्री बनाने का गोल्डन बाबा ने लिया संकल्प, चांदी का 4.5 किलो का जूता पहनना छोड़ा

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सीएम योगी को प्रधानमंत्री बनाने का गोल्डन बाबा ने लिया संकल्प, चांदी का 4.5 किलो का जूता पहनना छोड़ा


कानपुर: कानपुर के गूगल गोल्डन बाबा एक बार फिर अपने अनोखे संकल्प और बड़े ऐलान को लेकर सुर्खियों में हैं. सोने के प्रति अपने खास प्रेम के लिए पूरी दुनिया में पहचाने जाने वाले गोल्डन बाबा आमतौर पर 4 से 5 किलो तक सोने के आभूषण पहनते हैं. लेकिन दो साल पहले उन्होंने एक ऐसा संकल्प लिया, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया.

जूते त्याग कर ली भीष्म प्रतिज्ञा

गोल्डन बाबा ने दो साल पहले भीष्म प्रतिज्ञा ली थी कि जब तक योगी आदित्यनाथ देश के प्रधानमंत्री नहीं बन जाते, तब तक वह जूते नहीं पहनेंगे. इस संकल्प से पहले वे करीब 4.50 किलो वजनी चांदी के जूते पहनते थे, जो उनकी अलग पहचान बन चुके थे. लेकिन प्रतिज्ञा लेते ही उन्होंने उन चांदी के जूतों का पूरी तरह त्याग कर दिया. तब से आज तक वे नंगे पांव ही रह रहे हैं और अपने संकल्प पर पूरी मजबूती से टिके हुए हैं. सनातन भीष्म प्रतिज्ञा रथ का हुआ निर्माण

अब गोल्डन बाबा ने एक और बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने ‘सनातन भीष्म प्रतिज्ञा रथ’ निकालने की घोषणा की है. इस विशेष रथ को उन्होंने अपने संकल्प और सनातन धर्म के संदेश के प्रतीक के रूप में तैयार कराया है.

योगी को प्रधानमंत्री बनाने का आवाहन

बाबा का कहना है कि यह रथ केवल एक यात्रा का साधन नहीं, बल्कि आस्था, धर्म और संकल्प का संदेश लेकर देशभर में जाएगा.उत्तर प्रदेश के 75 जिलों से होगी शुरुआतगोल्डन बाबा सबसे पहले उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में इस ‘सनातन भीष्म प्रतिज्ञा रथ’ के माध्यम से तीर्थ यात्रा करेंगे. इस दौरान वे हर जिले के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर जाएंगे. उनके साथ संत समाज के लोग भी शामिल रहेंगे. यात्रा के दौरान सनातन धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के विषयों पर लोगों से संवाद किया जाएगा.

गोल्डन बाबा ने साफ कहा है कि इस यात्रा का एक बड़ा उद्देश्य लोगों से यह आवाहन करना है कि वे योगी आदित्यनाथ को देश का प्रधानमंत्री बनाने के लिए समर्थन करें. उत्तर प्रदेश के बाद यह रथ यात्रा देश के अलग-अलग राज्यों में जाएगी और वहां के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर पहुंचकर भी यही संदेश दिया जाएगा.दो साल तक चलेगा अभियानगोल्डन बाबा के अनुसार, यह ‘सनातन भीष्म प्रतिज्ञा रथ यात्रा’ करीब दो साल तक लगातार चलेगी.

नंगे पाव रहेंगे गोल्डन बाबा

इस पूरे समय वे नंगे पांव ही रहेंगे और अपनी भीष्म प्रतिज्ञा का पालन करेंगे. बाबा का कहना है कि यह यात्रा उनकी आस्था, तपस्या और संकल्प की परीक्षा है, जिसे वे अंत तक निभाएंगे.अपने अनोखे अंदाज, भारी-भरकम आभूषणों और मजबूत संकल्पों के कारण गोल्डन बाबा पहले भी कई बार चर्चा में रहे हैं. अब ‘सनातन भीष्म प्रतिज्ञा रथ’ के साथ उन्होंने एक बार फिर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. आने वाले समय में यह यात्रा किस तरह आगे बढ़ती है, इस पर सबकी नजरें बनी रहेंगी.



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