सीएसजेएमयू ने रचा इतिहास: क्यूएस सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग में यूपी में पहला स्थान, जानें पूरा माजरा
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Kanpur Latest News : छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग 2026 में उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है. पढ़ाई और रिसर्च के अलावा पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और बेहतर प्रशासन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन ने विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाई है. यह उपलब्धि सीएसजेएमयू की सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
कानपुर: यूपी में कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है. विश्वविद्यालय को प्रतिष्ठित क्यूएस (QS) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग 2026 में पूरे प्रदेश में पहला स्थान मिला है. यह रैंकिंग किसी भी विश्वविद्यालय के केवल पढ़ाई या रिसर्च पर नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और अच्छे प्रशासन (गुड गवर्नेंस) जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर आधारित होती है. सीएसजेएमयू की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि सतत विकास को भी अपनी प्राथमिकता मानता है. यह सम्मान विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण है, जिसने न सिर्फ प्रदेश में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान मजबूत की है.
वैश्विक पटल पर सीएसजेएमयू की चमक
इस बार की रैंकिंग में सीएसजेएमयू ने रिकॉर्ड सुधार किया है. पिछले वर्ष विश्वविद्यालय विश्व स्तर पर 1501+ बैंड में था, जबकि इस बार वह 1251–1300 के बैंड में पहुंच गया, जो एक बड़ी छलांग मानी जा रही है. एशिया स्तर पर विश्वविद्यालय ने 464वीं रैंक हासिल की है और पूरे भारत में 56वां स्थान मिला है. यह प्रदर्शन बताता है कि विश्वविद्यालय ने रैंकिंग के हर छोटे-बड़े मानक पर मेहनत की है. खास तौर पर ‘गुड गवर्नेंस’ श्रेणी में इसका प्रदर्शन शानदार रहा, जिसमें विश्वविद्यालय की रैंक 939 से सुधरकर 546 हो गई है. कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक और उनकी टीम के संगठित प्रयासों की वजह से यह प्रगति संभव हो सकी है. विश्वविद्यालय का कहना है कि आने वाले समय में भी शिक्षा की गुणवत्ता और सस्टेनेबिलिटी प्रयासों को और मजबूत किया जाएगा.
क्यों महत्वपूर्ण है यह रैंकिंग
क्यूएस सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग दुनिया की उन चुनिंदा रैंकिंग में से एक है, जो यह देखती है कि कोई विश्वविद्यालय समाज और पर्यावरण के लिए कितना योगदान दे रहा है. सीएसजेएमयू ने कई मोर्चों पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है.
पर्यावरण स्थिरता: विश्वविद्यालय परिसर में हरित उपाय, ऊर्जा बचत और कचरा प्रबंधन जैसे कदमों पर विशेष ध्यान दिया गया.
स्वास्थ्य एवं कल्याण: छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं और कार्यक्रमों में सुधार से स्कोर बढ़ा.
सामाजिक प्रभाव: समाज के साथ जुड़कर काम करने, सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने और जागरूकता कार्यक्रमों ने रैंकिंग में मजबूत योगदान दिया.
कानपुर के लिए गर्व का क्षण
इस उपलब्धि ने कानपुर शहर को शिक्षा और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में एक नई पहचान दी है. यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है कि शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही जरूरी है. सीएसजेएमयू का यह सम्मान न सिर्फ विश्वविद्यालय, बल्कि पूरे कानपुर और उत्तर प्रदेश के लिए एक गर्व का विषय है.