सुल्तानपुर में अब इतने बजे के बाद नहीं मिलेगी खाद, बिक्री पर लगाई रोक, जानिए क्या है वजह
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Sultanpur News: खाद की बढ़ती कालाबाजारी को रोकने के लिए सुल्तानपुर प्रशासन द्वारा अब रात 8 बजे के बाद खाद विक्रेताओं को खाद की बिक्री पर रोक लगा दिया गया है.जिसकी वजह से अब खाद विक्रेताओं द्वारा रात में 8:00 बजे के बाद खाद की बिक्री नहीं की जा सकेगी. जिससे किसानों को काफी लाभ होगा.
भारत एक कृषि प्रधान देश है, यहां की बड़ी आबादी कृषि कार्यों में ही लगी हुई है. कृषि के क्षेत्र में लगातार वैज्ञानिक शोध और उर्वरकों का प्रयोग किया जा रहा है. जिसका परिणाम भी सकारात्मक रूप से दिखाई दे रहा है.लेकिन इस वर्ष उर्वरकों की कमी से किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा. इसके पीछे की वजह खाद की कालाबाजारी भी रही. इसी कालाबाजारी को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में कृषि विभाग द्वारा एक अच्छी पहल शुरू की गई है. इसके लिए अब खाद विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि वह रात 8 बजे के बाद किसी भी तरह की खाद बिक्री नहीं कर पाएंगे. ऐसे में इसका क्या असर होगा आइए जानते हैं…
खाद की कलाबाजारी को रोकने के लिए उठाया गया यह कदम
जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि खाद की कमी जिले में नहीं है, लेकिन बढ़ती कालाबाजारी को रोकने के लिए सुल्तानपुर प्रशासन द्वारा अब रात 8 बजे के बाद खाद विक्रेताओं को खाद की बिक्री पर रोक लगा दिया गया है. जिसकी वजह से अब खाद विक्रेताओं द्वारा रात में 8:00 बजे के बाद खाद की बिक्री नहीं की जा सकेगी. जिससे किसानों को काफी लाभ होगा.
पड़ेगा यह असर
सदानंद चौधरी ने बताया कि इस तरह से रात में 8 बजे के बाद खाद की बिक्री पर रोक लगाने का उद्देश्य है कि इससे कालाबाजारी पर अंकुश लगाया जा सकेगा और जो लोग अवैध तरीके से खाद खरीदते और बेचते हैं उस पर अंकुश लग सकेगा. जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा. जिससे किसान खाद की समस्या से परेशान नहीं हो पाएंगे और उनको समय रहते खाद भी उपलब्ध हो जाएगी.
इस तरह करते थे काम
कई बार ऐसा होता है कि खाद विक्रेता दिन में सर्वर डाउन होने, इंटरनेट न चलने का बहाना बताकर किसानों को खाद देने से मना कर देते हैं और उनको वापस कर देते हैं और उसके बाद रात में हुए खाद की कालाबाजारी और अवैध तरीके से बिक्री कर किसानों के सामने भारी संकट पैदा कर देते हैं. जिससे यह फैसला किसानों के हित में लिया गया है. जिससे किसान उम्मीद लगा रहे हैं कि अब उनको खाद उपलब्ध हो सकेगी और कालाबाजारी पर भी अंकुश लग सकेगा.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों में रिपोर्टिंग से ल…और पढ़ें