हनुमान जयंती: काशी में डॉक्टर आनंद ने अकेले तैयार किए 5000 भक्ति ध्वज
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Hanuman Jayanti 2026: धर्म नगरी काशी में हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में निकलने वाली भव्य हनुमान ध्वजा यात्रा भक्ति और सेवा की अनूठी मिसाल पेश कर रही है. पेशे से डॉक्टर, डॉ. आनंद कुमार मिश्रा, मरीजों के इलाज के बाद अपना समय सिलाई मशीन पर ध्वज तैयार करने में बिता रहे हैं. बीते एक दशक से जारी उनकी यह सेवा इस साल 1 लाख ध्वजों के संकल्प का हिस्सा है. 1 अप्रैल को भिखारीपुर से निकलने वाली इस 3 किलोमीटर लंबी यात्रा में 25 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे.
वाराणसी: धर्म नगरी काशी में जब भक्ति का रंग चढ़ता है, तो पद और प्रतिष्ठा पीछे छूट जाते हैं. हनुमान जयंती के अवसर पर निकलने वाली पूर्वांचल की सबसे भव्य ‘हनुमान ध्वजा यात्रा’ इसका जीवंत उदाहरण है. इस यात्रा की भव्यता के पीछे महीनों की निस्वार्थ मेहनत छिपी है, जिसमें डॉ. आनंद कुमार मिश्रा जैसे लोग अपनी व्यस्त डॉक्टरी सेवा के बाद सिलाई मशीन थाम लेते हैं. सेवा और समर्पण की यह अनोखी मिसाल आज पूरी काशी में चर्चा का विषय बनी हुई है.
मरीजों की सेवा के बाद हनुमान भक्ति
डॉ. आनंद कुमार मिश्रा अपना निजी क्लीनिक चलाते हैं और बीएचयू (BHU) में संविदा पर भी कार्यरत हैं. अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों को निभाने के बाद, वे पिछले एक महीने से हर दिन घंटों सिलाई मशीन पर ध्वज तैयार कर रहे हैं. डॉ. आनंद ने बताया कि वे अब तक 3000 से ज्यादा ध्वज बना चुके हैं और महीने के अंत तक उनका लक्ष्य 5000 से अधिक ध्वज अकेले तैयार करने का है.
एक दशक से जारी है यह अटूट सेवा
यह कोई पहला साल नहीं है; डॉ. आनंद बीते 10 वर्षों से अधिक समय से इस सेवा कार्य में जुटे हैं. नाइट ड्यूटी होने पर वे दिन में ध्वज सिलते हैं और दिन की शिफ्ट होने पर शाम को इस काम को समय देते हैं. उनके अनुसार, श्री हनुमत सेवा समिति द्वारा सौंपी गई इस जिम्मेदारी को निभाने में उन्हें जो आत्मिक शांति मिलती है, वह शब्दों से परे है.
1 अप्रैल को निकलेगी पूर्वांचल की सबसे बड़ी यात्रा
श्री हनुमत सेवा समिति के अध्यक्ष रामबली मौर्या के अनुसार, इस बार 1 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर भिखारीपुर से निकलने वाली इस शोभा यात्रा में 25 हजार से ज्यादा श्रद्धालु शामिल होंगे. इस यात्रा की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर होगी, जिसके लिए छोटे-बड़े कुल 1 लाख से ज्यादा ध्वज तैयार कराए जा रहे हैं. यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि काशी की एकजुटता को भी दर्शाती है.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें