हमास की भगत सिंह से तुलना… कांग्रेस MP इमरान मसूद ये क्या कह गए, बोले- ‘वो अपनी जमीन के लिए लड़ रहे हैं’
Imran Masood News: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद (Imran Masood) फिर से मीडिया की सुर्खियों में छा गए है. इमरान मसूद के सुर्खियों में आने की वजह उनका हाल में दिया एक बयान है. दरअसल, इमरान मसून एक पॉडकास्ट शो में पहुंचे थे. यहां उन्होंने एक सवाल के जवाब में शहीद भगत सिंह की तुलना आतंकवादी समूह ‘हमास’ से कर दी. इमरान मसूद के इस बयान के बाद एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है.
जब एंकर ने उनके बयान पर आपत्ति जताते हुए पूछा कि क्या भगत सिंह और हमास के बीच तुलना की जा सकती है. तो मसूद ने कहा, ‘हां बिल्कुल, सही बात कर रहा हूं मैं.’ इसके बाद इमरान मसूद ने कहा, ‘वे अपनी जमीन के लिए लड़ रहे हैं. भगत सिंह भी अपनी जमीन के लिए लड़ रहे थे. भगत सिंह भी अपनी जमीन के लिए शहीद हुए थे.’ उन्होंने कहा कि इजरायल कब्जाधारी है. जब इस बात पर एंकर से विवाद होने लगा तो कांग्रेस सांसद ने कहा कि आपके लिए हमास एक आतंकवादी संगठन है.
जबकि, मेरा मानना है कि हमास अपनी आजादी के लिए लड़ रहा है. आप उनके द्वारा बंधक बनाए गए 250 लोगों को देख रहे हैं. लेकिन आप इजरायल द्वारा मारे गए 1 लाख लोगों को नहीं देख रहे हैं. इमरान मसूद के इस बयान पर BJP ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, ‘बोटी-बोटी वाले इमरान मसूद हमास की तुलना भगत सिंह जी से कर रहे हैं. यह सभी स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है.’
पूनावाला ने आगे लिखा कि लेफ्ट और कांग्रेस आतंकी समूहों का महिमामंडन करते हैं और गांधी परिवार को महान दिखाने के लिए हमारे सभी नायकों को कमजोर करते हैं. उन्होंने याद दिलाया कि पहले कन्हैया कुमार ने भी भगत सिंह की तुलना लालू यादव से की थी. पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस ने पहले भी चंद्रशेखर आजाद जी, सावरकर जी, पटेल जी, बिरसा मुंडा जी का अपमान किया है.
7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजराइल पर बोला था हमला
गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजराइल पर एक बड़ा हमला किया था. इस हमले में करीब 1,200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और 250 लोगों को बंधक बना लिया था. इस हमले से बौखलाए इजरायल ने हमास के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया था. इजराइल ने गाजा में हमास के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू की, जिसमें 67,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं और एक गंभीर मानवीय संकट पैदा हो गया है.