हाथ जोड़ता हूं, पासपोर्ट रिलीज करवा दीजिए’, अबू धाबी में फंसा जौनपुर का युवक

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हाथ जोड़ता हूं, पासपोर्ट रिलीज करवा दीजिए’, अबू धाबी में फंसा जौनपुर का युवक


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Jaunpur News: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत के कई लोग इन दोनों देशों में फंस गए हैं और उनके परिजन काफी परेशान हैं. जौनपुर के रहने वाले प्रदुम पाल भी अबू धाबी में फंसे हैं. आइए जानते हैं कि उनके परिजनों का क्या कहना है.

जौनपुर: जिले के जफराबाद क्षेत्र के निवासी प्रदुम पाल इन दिनों अबू धाबी में फंसे हुए हैं. वहां की बिगड़ती स्थिति को लेकर उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. परिवार के लोग सरकार से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द प्रदुम पाल को सुरक्षित भारत वापस लाया जाए. प्रदुम पाल करीब आठ महीने पहले नौकरी के सिलसिले में अबू धाबी गए थे. वह वहां एक निजी कंपनी में काम कर रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में क्षेत्र में बढ़े तनाव और मिसाइल हमलों की खबरों ने परिवार को बेहद परेशान कर दिया है. जौनपुर में रह रहे उनके परिजन लगातार उनके संपर्क में बने रहने की कोशिश कर रहे हैं.

प्रदुम पाल के भाई जितेंद्र पाल ने बताया कि कुछ समय पहले उनकी फोन पर बात हुई थी. बातचीत के दौरान प्रदुम ने वहां की भयावह स्थिति के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जिस कंपनी में वह काम करते हैं, उसके ऑफिस के गेट के पास ही मिसाइल गिर चुकी है. इस घटना के बाद से वहां का माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया है.

घर के अंदर रहने को मजबूर
जितेंद्र पाल ने बताया कि सुरक्षा कारणों से प्रदुम और उनके साथ काम करने वाले अन्य लोगों को घर से बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं दी जा रही है. सभी लोग अंदर ही रहने को मजबूर हैं और लगातार डर के माहौल में दिन बिता रहे हैं. परिवार को यह सोचकर ही चिंता हो रही है कि इतनी गंभीर स्थिति में वह वहां किस तरह रह रहे होंगे.

परिवार में लगातार चिंता और तनाव 
इधर जौनपुर में परिवार की हालत भी ठीक नहीं है. प्रदुम पाल की पत्नी, जो जौनपुर में ही अपने घर पर रहती हैं, इस खबर को सुनकर काफी घबरा गईं. लगातार चिंता और तनाव के कारण उनकी तबीयत भी खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें डॉक्टर को दिखाना पड़ा. परिवार के अन्य सदस्य भी बेहद परेशान हैं और हर समय उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं.

प्रदुम पाल घर के मुख्य कमाने वाले सदस्य हैं और उनका सुरक्षित रहना पूरे परिवार के लिए बहुत जरूरी है. ऐसे में परिवार ने भारत सरकार से अपील की है कि विदेश में फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.



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