10 साल की नौकरी छोड़ी, साइकिल उठाई और बदल गई किस्मत, खस्ता-सब्जी से कमा रहे 50,000 महीना, लक्ष्मी नारायण की प्रेरक कहानी
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Success Story of Laxmi Narayan Tiwari: सुल्तानपुर के गोड़वा गांव के रहने वाले लक्ष्मी नारायण तिवारी ने 10 साल तक नौकरी की लेकिन सीमित विकास देखकर नौकरी छोड़ दी. उन्होंने साइकिल पर खस्ता-सब्जी बेचने का छोटा व्यापार शुरू किया, जो आज उनकी किस्मत बदल चुका है. लक्ष्मी नारायण रोज 100–150 दोना बेचकर लगभग ₹2000 प्रतिदिन और महीने में ₹50,000 से ज्यादा की कमाई करते हैं.
सुल्तानपुर: कब, कहां और किसकी किस्मत बदल जाए-यह कोई नहीं जानता. सुल्तानपुर के एक व्यक्ति को भी क्या पता था कि 10 साल नौकरी करने के बावजूद वह कोई खास तरक्की नहीं कर पाएगा. लेकिन जब उसने ठेले पर एक छोटे से डिब्बे में सब्जी बनाकर रखना शुरू किया और साइकिल से घूम-घूमकर खस्ता-सब्जी बेचना शुरू किया, तो मानो उसकी किस्मत बदल गई. अब वह लगभग 2,000 प्रतिदिन और महीने में 50,000 से अधिक की कमाई कर रहा है. आइए जानते हैं खस्ता-सब्जी वाले लक्ष्मी नारायण तिवारी की प्रेरक कहानी.
सुल्तानपुर की ग्राम सभा गोड़वा के रहने वाले किसान लक्ष्मी नारायण तिवारी बताते हैं कि वह साइकिल पर जस्ते की टंकी में सब्जी और खस्ता रखकर सुल्तानपुर के चौराहे पर बेचते हैं. उनकी खस्ता-पूरी और सब्जी ‘तिवारी खस्ता सब्जी’ नाम से पूरे सुल्तानपुर में मशहूर हो चुकी है.
नौकरी छोड़कर शुरू किया यह काम
लक्ष्मी नारायण तिवारी ने करीब 10 साल तक प्राइवेट सेक्टर में नौकरी की. लेकिन, उन्हें महसूस हुआ कि नौकरी में संभावनाएं सीमित हैं, जबकि व्यापार में असीमित मौके मिलते हैं. इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी और ठान लिया कि वे साइकिल पर खस्ता और सब्जी बेचेंगे और इससे ही अपनी नई पहचान बनाएंगे. उनकी यह सोच न केवल सही साबित हुई बल्कि उन्हें सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले गई.
कमाई जानकर चौंक जाएंगे!
लक्ष्मी नारायण तिवारी 20 रुपए प्रति दोना के हिसाब से खस्ता-सब्जी बेचते हैं. उनका कहना है कि वे दिन में 100 से 150 दोना बेच लेते हैं. यानी वे रोजाना ₹1,500 से ₹2,000 और महीने में ₹50,000 से ज्यादा की कमाई कर लेते हैं. उनका मानना है, ‘कम लागत वाला व्यापार, ज्यादा मुनाफा देता है… नौकरी से बेहतर व्यापार होता है.’
मैं राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहा हूं. मुझे हिंदी मीडिया में 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. मैंने प्रिंट में रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल मीड…और पढ़ें
मैं राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहा हूं. मुझे हिंदी मीडिया में 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. मैंने प्रिंट में रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल मीड… और पढ़ें