100 साल पुराना मां नंदा देवी मंदिर, जानिए इसकी चमत्कारी कहानी

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100 साल पुराना मां नंदा देवी मंदिर, जानिए इसकी चमत्कारी कहानी


गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले विकासखंड झंझरी के ग्राम सभा फिरोजपुर में स्थित मां नंदा का मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है. यहां दूर-दूर से लोग दर्शन करने और मनोकामना मांगने आते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मंदिर काफी पुराना है और इसकी विशेष मान्यता है.

मां नंदा सभी की इच्छाएं करती हैं पूरी

लोकल 18 से बातचीत के दौरान मंदिर के पुजारी श्याम प्रकाश शास्त्री बताते हैं कि मंदिर को लेकर मान्यता है कि कई साल पहले एक श्रद्धालु परिवार ने मां नंदा की कृपा से प्रेरित होकर इसकी नींव रखी थी. कुछ लोगों का कहना है कि गांव लल्लन तिवारी द्वारा इस मंदिर की स्थापना कराई गई थी. नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और मन्नतें मांगते हैं. लोगों का विश्वास है कि सच्चे मन से प्रार्थना करने पर मां नंदा सभी की इच्छाएं पूरी करती हैं.

क्या है मंदिर की विशेषता

श्याम प्रकाश शास्त्री बताते हैं कि मां नंदा देवी मंदिर की विशेषता यह है कि यहां पर जो कोई श्रद्धालु आकर मां नंदा देवी का 108 बार परिक्रमा करता है, उसकी सारी मनोकामना पूरी होती है. उन्होंने बताया कि यहां पर परिक्रमा करते समय हाथ में लौंग लेकर परिक्रमा करने का बहुत विशेष महत्व है. श्याम प्रकाश शास्त्री बताते हैं कि मां नंदा देवी को नारियल और चुनरी भी चढ़ाया जाता है.

कितनी वर्ष पुरानी है मां नंदा देवी मंदिर: श्याम प्रकाश शास्त्री बताते हैं कि मां नंदा देवी मंदिर लगभग 100 वर्ष से अधिक पुरानी मानी जाती है.

मंदिर की स्थापना किसने करवाई थी: श्याम प्रकाश शास्त्री बताते हैं की मां नंदा देवी मंदिर की स्थापना मां नंदा देवी के अनन्य भक्त लल्लन तिवारी द्वारा कराया गया है. माना जाता है कि ललन तिवारी के ऊपर माता जी का छाया रहता था. उन्होंने बताया कि माताजी एक दिन लल्लन तिवारी के सपने में आकर बताएं कि हमारा यहां पर स्थापना कराया जाए तभी इस मंदिर की स्थापना हुई और यह बात लगभग 100 वर्ष पुरानी बताई जा रही है. उन्होंने बताया कि इस मंदिर का इतिहास द्वापर से जुड़ा हुआ है.

सारी मनोकामना होती है पूरी

श्याम प्रकाश शास्त्री बताते हैं कि मां नंदा देवी मंदिर पर सारी मनोकामना पूरी होती है, निसंतान को संतान की प्राप्ति होती है, जिसकी नौकरी नहीं लगती हैं, उसको नौकरी मिलती है, और यदि कोई विशेष रूप से किसी रोग से परेशान है तो उसको यहां पर दर्शन करने से उसे रोग से मुक्ति मिलती है. उन्होंने बताया कि यहां पर ऊपरी बाधा भी दूर हो जाती है.

कब-कब लगता है मेला

श्याम प्रकाश शास्त्री बताते हैं कि मां नंदा देवी मंदिर पर प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार और चारों नवरात्रि में मेले का आयोजन होता है. मां नंदा देवी मंदिर पर पूरे प्रदेश के अलावा देश-विदेश के श्रद्धालु आते हैं.



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