11000 सैलरी, 4000 का सिलेंडर, जबरन नाइट शिफ्ट.. फैक्‍ट्री मजदूरों का दर्द सुने

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11000 सैलरी, 4000 का सिलेंडर, जबरन नाइट शिफ्ट.. फैक्‍ट्री मजदूरों का दर्द सुने


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Noida Factory Labor Issues : मजदूरों ने News18 से बात करते हुए यह भी बताया कि कंपनी प्रबंधन द्वारा टारगेट पूरा कराने के लिए लगातार दबाव बनाया जाता है, पानी पीने तक का समय नहीं मिलता और मशीनों के सामने बैठाकर लगातार काम कराया जाता है. कुछ श्रमिकों ने आरोप लगाया कि नाइट शिफ्ट जबरदस्ती लगवाई जाती है और कई बार जबरन शराब पिलाकर काम कराने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए.

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नोएडा में प्रदर्शन कर रहे फैक्‍ट्री मजदूरों ने न्‍यूज18 को अपनी समस्‍याएं बताईं.

नोएडा : पूरे नोएडा (Noida Protest) के अलग-अलग इंडस्ट्रियल एरिया में फैक्ट्री मजदूरों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया है. सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने साफ कहा कि उन्हें 8 घंटे की ड्यूटी के लिए कम से कम 18 से 20 हजार रुपये तक की सैलरी मिलनी चाहिए, जबकि मौजूदा समय में हेल्पर को 11000 और ऑपरेटर को करीब 13500 तक ही वेतन मिल रहा है. मजदूरों का कहना है कि इतने कम पैसे में गुजारा संभव नहीं है, क्योंकि 4000 रुपये तक गैस सिलेंडर का खर्च है और 4000 तक कमरे का किराया देना पड़ता है. बच्चों की पढ़ाई का खर्च अलग से उठाना पड़ता है. ऐसे में प्रदर्शन कर रहे फैक्‍ट्री मजदूरों का क्‍या कहना है, उनका दर्द क्‍या है, आइये जानते हैं इस रिपोर्ट में…ृ

प्रदर्शन के दौरान महिला मजदूरों ने भी अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए बताया कि कंपनी में भारी टारगेट का दबाव रहता है, यहां तक कि टॉयलेट जाने तक की अनुमति नहीं दी जाती. कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि जरा सा विरोध करने पर अधिकारियों द्वारा बदतमीजी और गाली-गलौज की जाती है. मजदूरों का कहना है कि 9 से 9 घंटे तक लगातार काम कराया जाता है, लेकिन ओवरटाइम का भुगतान सही तरीके से नहीं दिया जाता और कई बार सिंगल रेट पर ही काम कराया जाता है.

मजदूरों ने यह भी बताया कि कंपनी प्रबंधन द्वारा टारगेट पूरा कराने के लिए लगातार दबाव बनाया जाता है, पानी पीने तक का समय नहीं मिलता और मशीनों के सामने बैठाकर लगातार काम कराया जाता है. कुछ श्रमिकों ने आरोप लगाया कि नाइट शिफ्ट जबरदस्ती लगवाई जाती है और कई बार जबरन शराब पिलाकर काम कराने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए.

प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने कहा कि जहां कंपनी के स्टाफ की सैलरी हर साल हजारों रुपये बढ़ती है, वहीं मजदूरों को सिर्फ 100 से 200 का इजाफा मिलता है. उनका कहना है कि सभी कर्मचारियों के लिए समान वेतन नीति होनी चाहिए. मजदूरों की मांग है कि हेल्पर की सैलरी कम से कम 15000 और अन्य कर्मचारियों की 20000 तय की जाए, ओवरटाइम का डबल भुगतान मिले और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए.

मजदूरों ने साफ कहा कि हमारा अधिकार हमें चाहिए और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. फिलहाल इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और श्रमिकों का विरोध प्रदर्शन जारी है.

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Sandeep KumarSenior Assistant Editor

Senior Assistant Editor in News18 Hindi with the responsibility of Regional Head (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Bihar, Jharkhand, Rajasthan, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Himachal Pradesh, Haryana). Active in jou…और पढ़ें





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