12 की उम्र में एसिड अटैक, 36 ऑपरेशन और तानों से छलनी हुआ मन, पर हौसले से मंगला कपूर ने लिख दी ‘पद्म श्री’ तक की कहानी

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12 की उम्र में एसिड अटैक, 36 ऑपरेशन और तानों से छलनी हुआ मन, पर हौसले से मंगला कपूर ने लिख दी ‘पद्म श्री’ तक की कहानी


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Padma Shri Award 2026: 12 साल की उम्र में एसिड अटैक का दर्द झेलने वाली वाराणसी की मंगला कपूर ने हार नहीं मानी. समाज की उपेक्षा, आर्थिक तंगी और लंबे इलाज के बावजूद उन्होंने शिक्षा और संगीत को अपना सहारा बनाया. आज उसी संघर्ष और साधना के बल पर मंगला कपूर को पद्म पुरस्कार के लिए चुना गया है, जो लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है.

वाराणसी: ‘जब मैं 12 साल की थी तो परिवारिक दुश्मनी के चलते मुझपर एसिड अटैक हुआ. 6 साल मैं हॉस्पिटल में रही. इस दौरान 36 ऑपरेशन हुए. मैं पूरी तरह टूट चुकी थी.’ ये दर्द है वाराणसी की मंगला कपूर का जिन्हें अब पद्म अवॉर्ड के लिए चुना गया है. आज इसकी आधिकारिक घोषणा भी हो गई है. जिसके बाद उनके घर में खुशी का माहौल है. जैसे ही उनके परिचितों को इसकी जानकारी हुई, उन्हें फोन पर बधाई देने वालों की लाइन लग गई है.

लोकल-18 से बातचीत में मंगला कपूर ने बताया कि बचपन में उनपर हुए एसिड अटैक की घटना के बाद उनके शरीर का ज्यादातर हिस्सा जल चुका था. जब वो ठीक हुई तो समाज में उन्हें खूब ताने भी मिले. लेकिन उन्होंने इन तानों को अपनी ताकत बनाई और BHU से ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई के बाद पीएचडी तक का सफर पूरा किया. बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्तिथि भी काफी खराब थी. जब वो बीएचयू पढ़ाई के लिए जाती थी तो उनके पास पहनने के लिए अच्छे कपड़े भी नहीं होतें थे. वह घर से पैदल ही विश्वविद्यालय तक जाती थी. लेकिन जब वो बीएचयू में प्रोफेसर बनी तब उनकी जिंदगी में बदलाव आना शुरू हो गया.

30 साल बीएचयू में दी सेवा

मंगला कपूर 30 साल तक बीएचयू में संगीत के प्रोफेसर के पद पर तैनात रही और साल 2019 में वो रिटायर हुई. बताया कि नौकरी के दौरान भी उन्हें बहुत कुछ सहना पड़ा और काफी संघर्षों का सामान करना पड़ा. लेकिन उन्होंने अपने माता-पिता की बताई बात को अपने जीवन की सीख बनाया निरंतर आगे बढ़ती चली गई.

मिल चुके है कई अवॉर्ड
डॉ मंगला कपूर वैसे तो वाराणसी के पक्का माहौल इलाके की रहने वाली है. लेकिन उनका जुड़ाव ग्वालियर संगीत घराने से है. संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए साल 1982 में उन्हें काशी की लता और रोल मॉडल जैसे सम्मान से नवाजा गया.  इसके बाद उन्हें और भी ढेरों अवॉर्ड मिले. मंगला कपूर आज भी बिना किसी फीस के बच्चों को संगीत की शिक्षा देती है. रिटायरमेंट के बाद वह दिव्यांगों के लिए भी कई समाज सेवी संस्थाओं के साथ मिलकर काम करती है और उन्हें आगे बढ़ाती है.

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मोदी का जताया आभार
पद्म श्री अवॉर्ड घोषणा के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि पीएम मोदी समाज के हर वर्ग और तबके के लोगों को साथ लेकर चलते है. कहा कि जब अवॉर्ड के लिए उन्होंने अप्लाई किया था तो उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उन्हें ये सम्मान मिलेगा. लेकिन जब आज सुबह फोन पर उन्हें ये जानकारी मिली तो वो खुशी से झूम उठीं.

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Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें

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12 की उम्र में एसिड अटैक, नहीं मानी हार! अब पद्म श्री से नवाजी गई मंगला कपूर



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