15 ई-वे.. 2700 Km नेटवर्क.. हर गांव-शहर तक आसानी से पहुंचेंगे लोग, योगी सरकार का प्लान है गजब
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UP News : योगी सरकार उत्तर प्रदेश को तेज कनेक्टिविटी देने के मिशन पर काम कर रही है. सीएनएन-न्यूज18 के अनुसार, योगी आदित्यनाथ सरकार की उत्तर प्रदेश में 2,700 किमी से अधिक लंबा एक्सप्रेस-वे नेटवर्क बनाने की योजना…और पढ़ें
योगी सरकार ने हाल ही में चार नए एक्सप्रेस-वे को भी मंजूरी दी है.
लखनऊ : अगले कुछ सालों में आप उत्तर प्रदेश के हर कोने तक आसानी से पहुंच सकेंगे, क्योंकि योगी आदित्यनाथ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत इन्हें एक सशक्त एक्सप्रेस-वे नेटवर्क से जोड़ दिया जाएगा. यह योजना राज्य को तेज और सुगम सड़क कनेक्टिविटी देने की दिशा में एक बड़ा कदम है. सीएनएन-न्यूज18 के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 2,700 किमी से अधिक के एक्सप्रेस-वे नेटवर्क को बनाया जाएगा, जिसमें 15 एक्सप्रेस-वे होंगे. ये सभी एक्सप्रेसवे आपस में जुड़े होंगे, ताकि लोग राज्य में किसी भी जगह तक आसानी से पहुंच सकें. इनमें से छह एक्सप्रेस-वे, जो लगभग 1,224 किमी लंबे हैं, पहले से चालू हैं, जबकि पांच और अभी बन रहे हैं. इनकी लंबाई 945 किमी है. इसके अलावा योगी सरकार ने हाल ही में चार नए एक्सप्रेस-वे को भी मंजूरी दी है, जो कुल 550 किमी के होंगे, जिससे राज्य में एक मजबूत ई-वे ग्रिड बनेगा.
आइए इन परियोजनाओं को आपको बेहतर ढंग से समझाते हैं…
इन एक्सप्रेस-वे में से 2.. नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे (25 किमी) और ग्रेटर नोएडा-आगरा यमुना एक्सप्रेसवे (165 किमी) मायावती सरकार के कार्यकाल में बने थे. अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल के दौरान आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे (302 किमी) को बनाया गया था. ये तीन एक्सप्रेसवे दिल्ली-नोएडा सीमा से लेकर लखनऊ तक बेहतर कनेक्टिविटी देते हैं. योगी आदित्यनाथ सरकार के तहत दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (96 किमी) का निर्माण केंद्र सरकार द्वारा किया गया. अभी राज्य का सबसे लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, 340 किमी लंबा है, जो लखनऊ से गाजीपुर तक फैला हुआ है.
अब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए 91 किमी लंबा एक लिंक एक्सप्रेस-वे बन रहा है, ताकि बाहर से आने वाले वाहन लखनऊ में प्रवेश किए बिना अपनी मंजिल तक पहुंच सकें. बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे (296 किमी) भी चालू है और दिल्ली-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर इटावा से चित्रकूट तक जा रहा है, जिससे ये दोनों एक्सप्रेस-वे आपस में जुड़े हुए हैं. राज्य का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे (594 किमी) मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा है और यह 70% पूरा हो चुका है. यह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से जुड़ता है और उम्मीद की जा रही है कि यह इस साल के आखिर तक चालू हो जाएगा.
योगी आदित्यनाथ सरकार की प्राथमिकता एक्सप्रेस-वे को जोड़ने पर है ताकि राज्य के सभी हिस्सों में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके. 22 जनवरी को महाकुंभ में आयोजित कैबिनेट बैठक में योगी सरकार ने विंध्य एक्सप्रेसवे (320 किमी) को मंजूरी दी, जो प्रयागराज से सोनभद्र तक जाएगा और वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर के रास्ते से गुजरेगा. यह गंगा एक्सप्रेस-वे के आखिर से शुरू होगा, जिससे पश्चिमी यूपी के मेरठ से लेकर पूर्वी यूपी के सोनभद्र तक बिना किसी रुकावट के यात्रा की जा सकेगी.
इसके अलावा छह अन्य लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है. जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेस-वे तक 76 किमी लंबा लिंक एक्सप्रेसवे अहम कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. यह जेवर हवाई अड्डे तक तेज और बेहतर तेज कनेक्टिविटी के लिए है. फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे (93 किमी), गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे (91 किमी), झांसी-जलौन लिंक एक्सप्रेसवे (115 किमी), और चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे (15 किमी) भी 2025 तक बनकर तैयार हो जाएंगे. इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश का एक्सप्रेसवे नेटवर्क देश का सबसे बड़ा होगा, जबकि महाराष्ट्र इस मामले में दूसरे स्थान पर रहेगा.
Lucknow,Lucknow,Uttar Pradesh
January 24, 2025, 09:56 IST