17 की ये लड़की है शेरनी! मार्शल आर्ट में देती है सबको पछाड़, जीत चुकी 3 गोल्ड और 2 सिल्वर मेडल

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17 की ये लड़की है शेरनी! मार्शल आर्ट में देती है सबको पछाड़, जीत चुकी 3 गोल्ड और 2 सिल्वर मेडल


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Success Story in Hindi: सुल्तानपुर की 17 वर्षीय कोमल पाण्डेय ने कराटे नेशनल में 3 गोल्ड और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में कई पदक जीते हैं.

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अभ्यास करती खिलाड़ी कोमल पाण्डेय 

हाइलाइट्स

  • कोमल ने नेशनल में 3 गोल्ड मेडल जीते.
  • कोमल का सपना अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनना है.
  • कोमल के पिता मार्शल आर्ट कोच हैं.

Success Story in Hindi: अब लड़कियां भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर तेजी से आगे बढ़ रही हैं. ऐसा ही उदाहरण पेश किया है सुल्तानपुर की रहने वाली कोमल ने. उन्होंने कराटे नेशनल में 3 गोल्ड मेडल और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में कई पदक जीता है. मार्शल आर्ट कोच कोमल के पिता गिरजा शंकर पाण्डेय ने अपनी बेटी पर विश्वास किया और इस लायक बनाया कि अब कोमल का सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बन देश का नाम रोशन करना है. तो आइए जानते हैं कोमल की सफलता का राज.

कोमल के परिवार के बारे में जानें
दरअसल कोमल पाण्डेय सुलतानपुर स्थित करौंदिया मोहल्ले की रहने वाली हैं. इनके पिता भी मार्शल आर्ट के ट्रेनर हैं, जिससे कोमल को ट्रेनिंग के लिए बेहतरीन प्रशिक्षण मिल रहा है. वहीं, उनकी माता गृहणी हैं, जो कोमल को अच्छा खिलाड़ी बनाने के लिए मदद करती हैं. इनके पिता का सपना है कि उनकी बेटी सुल्तानपुर जिले की एक अच्छी व्यक्तित्व बने और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाएं.

मिल चुके अब तक इतने मेडल
17 वर्षीय खिलाड़ी कोमल पाण्डेय ने लोकल 18 से बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने मार्शल आर्ट में अब तक नेशनल में 5 बार खेल चुकी हैं. जिसमें उनको तीन गोल्ड मेडल और 2 सिल्वर मेडल भी हासिल हो चुका है. वही पांच बार स्टेट में खेला है जिसमे वे 3 गोल्ड मेडल जीत चुकी है. मार्शल आर्ट में वे ब्लैक बेल्ट हैं. उन्होंने बताया कि ब्लैक बेल्ट होने के लिए 3 वर्ष का एक कोर्स होता है जिसे कंप्लीट करना अनिवार्य है. नेशनल चैंपियनशिप में भाग लेने का अभ्यास कर रही हैं. इसके साथ ही उन्होंने जिला स्तर पर भी कई पदक हासिल किया है.

पिता मानती हैं इनको अपना आदर्श 
लोकेल 18 से बातचीत के दौरान कोमल ने बताया कि वह अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने पिता को देती हैं. इसके साथ ही खेल के प्रति उनकी रुचि बनी रहे तथा वह मोटिवेट होती रहे इसके लिए उन्होंने अपना आदर्श अपने पिताजी को चुना है.

यह है सपना 
लोकल 18 से बातचीत के दौरान कोमल ने बताया कि वह पढ़ाई के साथ-साथ मार्शल आर्ट में भी बेहतर करने का प्रयास करती हैं. भविष्य में वह एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में खुद को देख रही हैं, इसलिए उनका सपना है कि वह मार्शल आर्ट की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल हों और देश के लिए मेडल हासिल करें.

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