1899 में बना था मंदिर-मस्जिद, अब 123 साल बाद चला बुलडोजर, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

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1899 में बना था मंदिर-मस्जिद, अब 123 साल बाद चला बुलडोजर, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान


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Sitapur News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में दो समुदायों ने बड़ी मिसाल पेश की है. यहां एक ओवरब्रिज का निर्माण होना है. इसके लिए सर्विस लेन भी बनाई जानी है. इसकी जद में बिसवां चौराहा स्थित एक मंदिर और मस्जिद आ रहे …और पढ़ें

सीतापुर में विकास कार्य के लिए मंदिर मस्जिद पर बुलडोजर चला.

हाइलाइट्स

  • सीतापुर में ओवरब्रिज निर्माण के लिए मंदिर-मस्जिद हटाए गए.
  • दोनों समुदायों ने धार्मिक स्थलों को हटाने पर सहमति दी.
  • प्रशासन ने संवेदनशील मामले को सूझबूझ से हल किया.

संदीप मिश्रा. सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सिधौली कोतवाली क्षेत्र में एक विकास काम के लिए दो समुदायों ने बड़ी मिसाल पेश की है. यहां एक ओवरब्रिज का निर्माण होना है. इसके लिए सर्विस लेन भी बनाई जानी है. इसकी जद में बिसवां चौराहा स्थित एक मंदिर और मस्जिद आ रहे थे. ऐसे में प्रशासन के सामने मुसीबत खड़ी हो गई थी कि कहीं कुछ गड़बड़ न हो जाए.

123 साल पहले बने थे मंदिर-मस्जिद
प्रशासन ने दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से बातचीत की. धार्मिक स्थलों को दूसरी जगह स्थापित करने के प्रस्ताव पर सहमति बनने के बाद, देर रात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में 123 साल पहले बने मंदिर-मस्जिद पर बुलडोजर चलाकर ढहा दिया गया.

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पक्षों को दिया गया मुआवजा
जानकारी के अनुसार, इस काम के लिए सभी पक्षों को मुआवजा भी दिया जा चुका है. बताया गया कि यह मस्जिद आजादी से पूर्व बनाई गई थी. इसमें 1899 के ईंट मिले हैं. इंस्पेक्टर बलवंत शाही ने बताया कि कोई व्यवधान नहीं आया है. सबकी रजामंदी से निर्माण तोड़ा गया है.

बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे
इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. अधिकारी लोगों को थोड़ी दूर से देखने को कहते नजर आए. हालांकि, यह कार्रवाई विकास और सांप्रदायिक सौहार्द का उदाहरण बन गई है, जहां दोनों समुदायों ने विकास कार्य के लिए अपने-अपने धार्मिक स्थलों को हटाने की सहमति दी. प्रशासन ने भी इस संवेदनशील मामले को सूझबूझ से हल किया.

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