25 करोड़ जनता को.. इमरान मसूद के बयान पर अयोध्या के संतों का तीखा पलटवार

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25 करोड़ जनता को.. इमरान मसूद के बयान पर अयोध्या के संतों का तीखा पलटवार


अयोध्या. दिल्ली में छठ पूजा के दौरान विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) द्वारा दुकानदारों को ‘सनातन प्रतिष्ठा’ स्टीकर देने की मुहिम पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि वीएचपी 25 करोड़ लोगों को साइडलाइन नहीं कर सकती. इस बयान पर अयोध्या के संतों ने कड़ा ऐतराज जताया है. संतों ने इसे सनातन धर्म पर हमला बताया और कहा कि भारत में रहने वालों को सनातन संस्कृति का सम्मान करना चाहिए.
यह विवाद दिल्ली में छठ पूजा की तैयारियों के बीच तेज हो गया है. वीएचपी ने ‘थूक जिहाद’ जैसे मामलों से बचाव के लिए खुद स्टॉल लगाने और दुकानों पर स्टीकर चिपकाने का फैसला लिया है. इससे हिंदू भक्तों को शुद्ध पूजा सामग्री मिल सके. लेकिन इमरान मसूद ने इसे धर्म की आड़ में व्यापार बताया. उन्होंने कहा कि क्या भैंस का दूध या आटा भी धर्म देखकर खरीदना पड़ेगा?

अयोध्या के संतों ने इस बयान को निंदनीय करार दिया. उन्होंने इमरान मसूद से सवाल किया कि अगर उन्हें दर्द हो रहा है, तो सनातन मंदिरों और बहनों पर अत्याचार क्यों? संतों का कहना है कि यह मुहिम सनातन की पवित्रता बचाने के लिए है, न कि किसी को अलग करने के लिए.

वीएचपी की सोच को साधुवाद

सरयू नित्य आरती आर्थिक अध्यक्ष महंत शशिकांत दास ने वीएचपी की मुहिम का स्वागत किया. उन्होंने कहा, “वीएचपी की सोच सकारात्मक है. इसके लिए आभार और साधुवाद.” इमरान मसूद से उन्होंने प्रार्थना की, “भाई जान, अगर आपको इतना दर्द हो रहा है, तो हिंदू मठ-मंदिर और बहन-बेटियों पर सनातन धर्म पर अत्याचार क्यों करते हो? तुम्हारे 25 करोड़ लोग सनातन से जीते हैं. समांतर धर्म के अनुरूप जाकर वहां व्यवसाय करो. पैसे को ले जाकर आतंकवादी गतिविधियों में सहयोग क्यों करते हो? भारत की अस्मिता नष्ट करने का प्रयास क्यों? अगर दर्द है, तो सनातन की रक्षा क्यों नहीं स्वीकार करते?” महंत शशिकांत ने आगे कहा, “25 करोड़ को साइड करने की क्या जरूरत? तुम्हें ही साइड कर दिया गया है. 25 करोड़ भी हो जाएंगे साइड. तुम्हारा कर्म और आचरण ऐसा है कि हमने तुम्हें भाई माना था, लेकिन अब तुम्हारे वचन से ऐसा नहीं हो सकता.”

बेधर्मियों के कुचक्रों से बचाव जरूरी

अयोध्या संत समिति के महामंत्री पवन दास शास्त्री ने कहा, “यह कार्य बिल्कुल सराहनीय है. छठ पूजा ही नहीं, हमारे सभी पर्वों पर सनातन प्रतिष्ठा स्टीकर लगाना चाहिए था. यह बहुत पहले हो जाना चाहिए. बेधर्मी लोग हमारे त्योहारों को अपवित्र करने के कुचक्र रचते हैं. पूरा संत समाज इसका स्वागत करता है.” उन्होंने इमरान के बयान पर कहा, “25 करोड़ लोगों को साइडलाइन करने की बात गलत है. अगर वे भारतीय बनकर रहें, तो उनका स्वागत है. लेकिन अगर खुराफात करें, तो सहन नहीं.”

कांग्रेस सांसद का बयान निंदनीय

संत सीताराम दास ने वीएचपी को साधुवाद दिया. उन्होंने कहा, “लगातार बेधर्मी सनातन संस्कृति पर कोताहत का प्रयास करते हैं. छठ का पावन महोत्सव शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक है. इसमें कट्टर पंथियों की कोई जरूरत नहीं, जो धर्म को भ्रष्ट करना चाहते हैं.” कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयान को उन्होंने अत्यंत निंदनीय और दुखद बताया. “उन्हें सनातन के बारे में कुछ पता नहीं. वे भारत में रहकर पाकिस्तान का गाना गाते हैं. हमें किसी को साइडलाइन करने की जरूरत नहीं. हम सनातन की क्षमता और पवित्रता के लिए काम कर रहे हैं. अगर कोलाहल हो, तो बर्दाश्त नहीं करेंगे. भारत में रहना है, तो सनातन संस्कृति के अनुरूप रहना पड़ेगा. जिहादी आतंकी मानसिकता वालों की यहां कोई जरूरत नहीं.”



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