25 हजार की लागत, ₹300000 की कमाई, आजमगढ़ का यह किसान गोभी की खेती से हो रहा मालामाल
आजमगढ़: व्यावसायिक खेती किसानों के लिए कमाई का बेहतरीन जरिया बनती जा रही है. सब्जियों की व्यावसायिक खेती करते हुए किसान हर महीने तगड़ी आमदनी अर्जित कर रहे हैं. आज व्यावसायिक खेती किसानों के रोजगार का प्रमुख साधन बन चुकी है. इसका जीता-जागता उदाहरण आजमगढ़ के किसान मनोहर सिंह हैं, जो अपने खेतों में तरह-तरह की सब्जियों की खेती करते हैं.
मनोहर सिंह मुख्य रूप से सब्जियों की व्यावसायिक खेती करते हैं और यही उनका मुख्य रोजगार है. वह मौसम के अनुसार तरह-तरह की सब्जियां लगाते हैं. इस सीजन में उन्होंने गोभी की खेती शुरू की है, जिससे उन्हें जबरदस्त कमाई हो रही है.
आजमगढ़ जिले के सगड़ी तहसील के अजमतगढ़ क्षेत्र स्थित मेघई खास गांव के निवासी मनोहर सिंह खेती-किसानी ही करते हैं और इसी से अपनी आजीविका चलाते हैं. मनोहर मुख्य रूप से टमाटर की खेती करते हैं, जबकि बची हुई जमीन पर सीजनल सब्जियों की खेती कर अतिरिक्त मुनाफा कमाते हैं.
सितंबर माह में उन्होंने अपने खाली पड़े दो बीघा खेत में गोभी की खेती शुरू की थी, जो नवंबर के अंत और दिसंबर की शुरुआत में पूरी तरह तैयार होकर बाजार में बिकने लगी. उन्होंने बताया कि उन्होंने केवल 25,000 रुपए का निवेश किया था और वर्तमान मार्केट रेट अच्छा मिलने के चलते केवल 3 महीनों में उन्हें लगभग 3,00,000 की कमाई हो रही है.
3 महीने में तैयार किए 18,000 पौधे
मनोहर सिंह बताते हैं कि उन्होंने दो बीघा जमीन में लगभग 18,000 गोभी के पौधे लगाए. गोभी की बुवाई में भी बहुत ज्यादा लागत नहीं आती. फिलहाल बाजार में गोभी का रेट लगभग 4,000 रुपए प्रति कुंतल चल रहा है, जिससे इस सीजन में उन्हें आसानी से लगभग 3 लाख रुपए की आमदनी हो रही है.
गोभी की खेती में किसान मामूली देखरेख और समय पर सिंचाई करते हुए कम लागत में बेहतर उपज प्राप्त कर सकते हैं और बाजार से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. उन्होंने कहा कि खेती अगर दिल से की जाए, तो यह कभी घाटे का सौदा नहीं होती. उन्हें उद्यान विभाग से भी काफी मदद मिलती रहती है और सब्जी की खेती के लिए उन्हें कई बार सरकारी सम्मान भी मिल चुका है.