26 मई तक करा पाएंगे आप…? यूपी पंचायत चुनाव को लेकर HC का चुनाव आयोग से सवाल
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UP Panchayat Chunav News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्टेट इलेक्श कमीशन को हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है कि क्या वह संविधान के अनुच्छेद 243ई के अनुसार उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 26 मई, 2026 तक संपन्न करा सकता है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पंचायत चुनाव को लेकर आयोग से किया सवाल.
UP Panchayat Election Date: उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की तारीखों का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है. चुनाव में देरी के संकेतों को लेकर एक याचिका दायर की गई थी, जिसपर हाईकोर्ट ने योगी सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से सवाल किया है. बता दें कि उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य का चुनाव कराया जाएगा. याचिकाकर्ता ने मांग की थी सरकार और यूपी के राज्य निर्वाचन आयोग को पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने से पहले चुनावी प्रक्रिया पूरी कराने का निर्देश दिया जाए. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्च ने चुनाव आयोग से सवाल किया कि क्या वो 5 साल की संवैधानिक समयसीमा के भीतर चुनाव संपन्न करा पाएगा.
अगर खत्म हो गया कार्यकाल तो संभालेगा कौन?
बता दें कि संविधान में इसका जिक्र है कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल उसकी पहली बैठक से अगले 5 साल तक ही रहेगी, इसके आगे नहीं. जब भी किसी सूबे में पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाते हैं तो वहां ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत से लेकर जिला पंचायतों तक प्रशासक जिम्मेदारी संभालते हैं. दरअसल, उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के बीच जो रोड़ा बना हुआ है, वह है आरक्षण. क्योंकि पंचायत चुनाव आरक्षण तय करने के लिए ओबीसी आयोग का गठन किया जाता है. आयोग की सिफारिशों के मुताबिक ही पंचायत चुनाव की सीटों पर आरक्षण तय होता है.
चुनाव आयोग को हलफनामा पेश करने को कहा गया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्टेट इलेक्श कमीशन को हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है कि क्या वह संविधान के अनुच्छेद 243ई के अनुसार उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 26 मई, 2026 तक संपन्न करा सकता है. अनुच्छेद 243ई के तहत पंचायत का कार्यकाल उसकी पहली बैठक की तारीख से पांच वर्ष का होता है.
यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता इम्तियाज हुसैन द्वारा दायर एक रिट याचिका पर पारित किया, जिसमें उन्होंने जिला पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने से काफी पहले पंचायत चुनाव प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश देने की मांग की थी.
‘कोर्ट को इस मुद्दे से अवगत कराएं’
अगली सुनवाई के लिए 25 मार्च की तारीख तय करते हुए, न्यायालय ने 13 मार्च के अपने आदेश में कहा, “उत्तर प्रदेश के राज्य निर्वाचन आयोग से यह अपेक्षा की जाती है कि पंचायत चुनाव का कार्यक्रम अंतिम रूप दिया जाए और अगली सुनवाई की तारीख से पहले रिकॉर्ड में लाया जाए.” न्यायालय ने आगे कहा, “हम राज्य से यह भी अनुरोध करते हैं कि वह सुनिश्चित करे कि या तो महाधिवक्ता या अतिरिक्त महाधिवक्ता उपस्थित हों और न्यायालय को इस मुद्दे से अवगत कराएं.”
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें