35 दिन में तैयार, 6 लाख तक मुनाफा…ये हरी-पीली विदेशी सब्जी बदल रही किसानों की किस्मत

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35 दिन में तैयार, 6 लाख तक मुनाफा…ये हरी-पीली विदेशी सब्जी बदल रही किसानों की किस्मत


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35 दिन में तैयार, 6 लाख तक मुनाफा! ये हरी-पीली सब्जी बदल रही किसानों की किस्मl

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रामपुर के किसान मुर्शाद अली ने अपने खेत में हरी और पीली जुकिनी की फसल लगाई है. लोकल 18 से वे कहते हैं कि अगर सही तरीके से इसे उगाया जाए तो यह फसल किसानों के लिए वरदान से कम नहीं. इसे उगाने में ज्यादा झंझट भी नहीं है. यह फसल करीब 4 महीने तक लगातार चलती है. हरी और पीली जुकिनी में थोड़ा फर्क होता है. पीली जुकिनी बाजार में हरी जुकिनी के मुकाबले ज्यादा महंगी बिकती है. सही तरीके से देखभाल की जाए तो पौधे लंबे समय तक फल देते रहते हैं.

रामपुर. ये विदेशी सब्जी किसानों की किस्मत बदल सकती है. रामपुर के किसान मुर्शाद अली जुकिनी की खेती कर रहे हैं. उन्होंने अपने खेत में हरी और पीली जुकिनी की खेती शुरू की है. इससे उन्हें अच्छी कमाई हो रही है. उनका कहना है कि अगर सही तरीके से इसे उगाया जाए तो यह फसल किसानों के लिए वरदान से कम नहीं. किसान मुर्शाद अली बताते हैं कि उन्होंने करीब 2 एकड़ खेत में हरी और पीली जुकिनी की फसल लगाई है. उन्होंने क्लोज वैरायटी के बीज लगाए हैं. इस फसल में ज्यादा कीटनाशक नहीं डालना पड़ता है. ज्यादा झंझट भी नहीं है. यह फसल करीब 4 महीने तक लगातार चलती है. बीच-बीच में तुड़ाई होती रहती है.

एक बीघे में 3 क्विंटल

मुर्शाद अली बताते हैं कि जुकिनी की फसल जल्दी तैयार हो जाती है. बोने के करीब 35 से 40 दिन के अंदर ही इसकी पहली तुड़ाई शुरू हो जाती है. इसके बाद हर कुछ दिनों में तुड़ाई होती रहती है. एक बीघा खेत से एक बार की तुड़ाई में करीब 3 क्विंटल तक जुकिनी निकल आती है.

मुर्शाद अली के मुताबिक, हरी और पीली जुकिनी में थोड़ा फर्क होता है. पीली जुकिनी बाजार में हरी जुकिनी के मुकाबले ज्यादा महंगी बिकती है. इसकी मांग भी काफी रहती है. पीली जुकिनी की फसल थोड़ी जल्दी तैयार हो जाती है इसलिए कई किसान इसे ज्यादा पसंद करते हैं. हालांकि दोनों ही तरह की जुकिनी किसानों के लिए अच्छी कमाई का जरिया हैं. करीब 100 ग्राम बीज प्रति बीघा के हिसाब से लगता है. सही तरीके से देखभाल की जाए तो पौधे लंबे समय तक फल देते रहते हैं. 2 एकड़ खेत में जुकिनी की खेती में 1 से डेढ़ लाख रुपये तक खर्च आता है. इसमें बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी का खर्च शामिल है.

तेजी से बढ़ रही मांग

मुर्शाद अली का कहना है कि जुकिनी विदेशी सब्जी है, जिसे बाहर के देशों में काफी पसंद किया जाता है. अब भारत में भी बड़े शहरों के होटल, रेस्टोरेंट और मॉल में इसकी मांग बढ़ने लगी है. इसी वजह से बाजार में इसकी कीमत अच्छी मिल जाती है. एक एकड़ में 3 से 6 लाख रुपये तक की कमाई हो जाता है. अगर मौसम और बाजार दोनों ठीक रहें तो जुकिनी की खेती किसानों की किस्मत पलट सकती है.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें



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