450 साल पुराना यह पेड़ अपने अंदर कैद किया है हनुमान जी की मूर्ति, मंगलवार को होती है विशेष पूजा
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Sultanpur news: बाबा सहज राम आश्रम के मुख्य द्वार पर पकड़ के इस वृक्ष के लोग पूजा करते हैं. मंगलवार के दिन विशेष पूजा का आयोजन होता है.
सुल्तानपुरः भारत प्राचीन काल से ही देवी देवताओं के साथ-साथ प्रकृति की पूजा करता चला रहा है. प्रकृति में नदियों, पहाड़ों,सूर्य, चंद्रमा,वृक्षों की पूजा भारतीय आस्था का पारंपरिक इतिहास मानी जाती रही है. इसी मान्यता को आगे बढ़ाते हुए सुल्तानपुर जिले में आज हम बताने वाले हैं एक ऐसे पाकड़ वृक्ष के बारे में जिसकी आयु लगभग 450 वर्षों से भी अधिक पुरानी है. जहां पर एक हनुमान जी की प्रतिमा रखी गई थी.कुछ वर्षों बाद जब उसे हटाने की कोशिश की गई तो प्रतिमा हटी ही नहीं और पाकड़ वृक्ष ने उस प्रतिमा को अपनी शाखा में कैद कर लिया तो आइए जानते हैं क्या है इस वृक्ष का इतिहास और किस तरह से आस्था का केंद्र बना.
450 साल पुराना है इतिहास
मंगलवार को होता है विशेष पूजा
बाबा सहज राम आश्रम के मुख्य द्वार पर पकड़ के इस वृक्ष के लोग पूजा करते हैं मंगलवार के दिन विशेष पूजा का आयोजन होता है अगर आप भी इस अद्भुत वृक्ष और हनुमान जी का दर्शन करना चाहते हैं तो आपको सुल्तानपुर मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर बंधुआ कला गांव में आना होगा. यहां बाबा सहज राम आश्रम के पूरब दिशा पर स्थित मुख्य द्वार के ठीक सामने पकड़ का यह वृक्ष मौजूद है जो सुल्तानपुर के ऐतिहासिक धरोहर को संजोकर रखे हुए है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें