75 करोड़ का धोखा! मेरठ में सीलिंग के विरोध में 9 अप्रैल को चक्का जाम रहेगा

0
75 करोड़ का धोखा! मेरठ में सीलिंग के विरोध में 9 अप्रैल को चक्का जाम रहेगा


Meerut Central Market Sealing News: मेरठ की धड़कन कहे जाने वाले सेंट्रल मार्केट पर जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवास विकास का ‘हथौड़ा’ चला, तो सिर्फ शटर नहीं गिरे, बल्कि लाखों परिवारों की उम्मीदें भी ढह गईं. व्यापारियों का आरोप है कि विभाग ने 75 करोड़ रुपये डकारने के बाद भी उन्हें बीच मंझधार में छोड़ दिया. भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ उपजे इस भारी आक्रोश की ज्वाला अब 9 अप्रैल को ‘मेरठ बंद’ के रूप में पूरे शहर को थमने पर मजबूर कर देगी. क्या ये सीलिंग सिर्फ अवैध निर्माण पर चोट है या उन हजारों सपनों का कत्ल, जो 40 साल की मेहनत से सींचे गए थे?

आवास विकास की नीतियों के खिलाफ होगा मेरठ बंद
लोकल-18 की टीम से खास बातचीत करते हुए व्यापारी नेता अजय गुप्ता ने सिस्टम पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जिस तरीके से आवास विकास परिषद के भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा मेरठ ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों में भी विशेष स्थान रखने वाली सेंट्रल मार्केट पर जो कार्रवाई की गई है, उसके विरोध में अब 9 अप्रैल 2026 को मेरठ को संयुक्त रूप से बंद किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन अधिकारियों ने कोर्ट को गुमराह किया है. व्यापारियों का मानना है कि अधिकारियों की लापरवाही और गलत विवरण पेश करने के कारण आज मेरठ का यह प्रमुख बाजार अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है. कहा कि इसके विरोध में अब मेरठ संपूर्ण रूप से बंद कर विरोध किया जाएगा.

75 करोड़ जमा कराकर भी हो गई सीलिंग कार्रवाई
व्यापारियों का सबसे बड़ा आरोप वित्तीय धोखाधड़ी को लेकर है. व्यापारी जीतू नागपाल ने बताया कि आवास विकास परिषद ने आश्वासन दिया था कि यदि व्यापारी पैसा जमा कराते हैं, तो आवासीय क्षेत्र में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को नियमों के तहत वैध कर दिया जाएगा. इसके एवज में विभाग ने व्यापारियों से लगभग 75 करोड़ रुपये भी जमा करा लिए. लेकिन इसके बावजूद, कोर्ट में गलत तथ्य पेश किए गए, जिसका नतीजा आज सीलिंग के रूप में सामने है. जीतू नागपाल के अनुसार, इस कार्रवाई से लगभग 1,00,000 लोगों के जीवन और आजीविका के सामने गहरा संकट उत्पन्न हो गया है.

व्यापारियों का दर्द समझे सरकार, ‘सपनों पर चली सील’
सीलिंग की यह कार्रवाई केवल ईंट-पत्थर की दीवारों पर नहीं, बल्कि व्यापारियों के जज्बात पर हुई है. ज्वेलर्स की दुकान चलाने वाले व्यापारी रविंद्र कहते हैं कि यह उनके सपनों को उजाड़ने जैसा है. उन्होंने भावुक होकर कहा कि एक व्यापार को खड़ा करने के लिए लोग अपनी जमा-पूंजी और जेवर तक गिरवी रख देते हैं, लेकिन प्रशासन इसे केवल ‘अवैध’ चश्मे से देख रहा है. इस तनावपूर्ण माहौल का असर इतना गहरा था कि सीलिंग की कार्रवाई के दौरान एक व्यापारी को दिल का दौरा (हार्ट अटैक) तक पड़ गया. व्यापारियों की सरकार से अपील है कि लाखों लोगों के भविष्य को अंधकार में डूबने से बचाया जाए.

40 साल पुराना बाजार, 1 महीने में नहीं हुआ तैयार
व्यापारी अरुण ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि सेंट्रल मार्केट कोई नई जगह नहीं है, यह 40 साल से भी अधिक पुरानी है. अगर यह बाजार नियमों के खिलाफ बन रहा था, तो चार दशकों तक आवास विकास परिषद के अधिकारी क्या सो रहे थे? उन्होंने आरोप लगाया कि जब मार्केट बस रही थी, तब अधिकारियों ने इसे बढ़ावा दिया और अब इसे अवैध बताकर हजारों युवाओं की रोजी-रोटी छीनी जा रही है.

9 अप्रैल को थमेगा मेरठ: क्या-क्या रहेगा बंद?
सीलिंग के विरोध में मेरठ के व्यापारियों ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है. 9 अप्रैल को होने वाले ‘संपूर्ण मेरठ बंद’ के दौरान केवल दुकानें ही नहीं, बल्कि निजी अस्पताल, डॉक्टर क्लीनिक, पेट्रोल पंप और कचहरी सहित सभी व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप रहेंगी. व्यापारियों का यह एकजुट कदम सरकार और प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी माना जा रहा है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *