80KM रफ्तार वाली हवा, 21 राज्यों में बारिश की चेतावनी, मौसम पर IMD का अलर्ट
Today Weather Live: इस समय पूरे देश में मार्च में ही भीषण गर्मी पड़ रही है. चारों तरफ लोग बढ़ते तापमान से परेशान हैं. लोगों को मार्च में ही बारिश का इंतजार है. तो लोगों को मौसम विभाग (IMD) ने राहत वाली खबर दी है. IMD ने 21 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है. मौसम ने अचानक करवट ली है. इस दौरान 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी. आसमान में काले बादल छाएंगे. गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बढ़ गया है. गांवों में फसलों पर संकट मंडरा सकता है. मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि आने वाले दिन आसान नहीं होंगे. हर किसी को अलर्ट रहना होगा.
गुजरात, कोंकण और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी मौसम बदलने वाला है. (फाइल फोटो)
- देश में इस समय कई मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसपास निचले क्षोभमंडल में साक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी एक और सिस्टम सक्रिय है. इन दोनों के असर से उत्तर भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत तक मौसम तेजी से बदल रहा है. तेज हवाएं, गरज-चमक, बिजली और बारिश का व्यापक असर देखने को मिलेगा.
- मौसम विभाग का कहना है कि इस बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ेगा. दिन का तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है. इससे गर्मी से राहत जरूर मिलेगी. लेकिन तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा. कई राज्यों में ओलावृष्टि किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है. खासकर गेहूं और अन्य तैयार फसलें प्रभावित हो सकती हैं.
दिल्ली-NCR में भी आंधी
यूपी-उत्तराखंड का मौसम
- उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है. यूपी के कई जिलों में 50 से 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है. गरज-चमक के साथ तेज बारिश होगी और कुछ इलाकों में ओले भी गिर सकते हैं.
- वहीं उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकती है. यहां भारी बारिश के साथ भूस्खलन और रास्ते बंद होने की आशंका है. नदियों का जलस्तर भी बढ़ सकता है. प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील की है.
तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है. (फाइल फोटो PTI)
बिहार-झारखंड में तेज आंधी और बारिश
- बिहार और झारखंड में 20 और 21 मार्च के दौरान मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा. तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक के साथ तूफान की स्थिति बन सकती है. कई इलाकों में बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा, जो जानलेवा साबित हो सकता है. हवा की रफ्तार 60 से 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका है. आम जनजीवन पर इसका सीधा असर पड़ेगा और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
- पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर समेत कई जिलों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी. ठनका गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं. इससे ग्रामीण इलाकों में खतरा ज्यादा रहेगा. किसानों के लिए यह समय बेहद संवेदनशील है क्योंकि तैयार फसलें तेज हवा और ओलावृष्टि से खराब हो सकती हैं. मौसम विभाग ने खेतों में काम करने के दौरान सतर्कता बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.
पंजाब-हरियाणा का भी मौसम होगा खराब
पंजाब और हरियाणा में अगले दो दिनों तक मौसम काफी खराब रह सकता है. तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का खतरा लगातार बना हुआ है. कई जिलों में पहले ही ओले गिरने से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है. अब फिर से मौसम बिगड़ने की आशंका किसानों की चिंता बढ़ा रही है. तेज हवाओं से पेड़ और बिजली के खंभे गिर सकते हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा. मौसम विभाग ने लोगों को खुले में न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.
हिमाचल और कश्मीर में भी भारी बारिश
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम और भी ज्यादा गंभीर हो सकता है. यहां भारी बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है. पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और भूस्खलन का खतरा भी बना रहेगा. पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. तापमान में गिरावट के कारण ठंड बढ़ेगी और मौसम का असर दैनिक जीवन पर पड़ेगा.
मध्य प्रदेश और राजस्थान में आंधी-तूफान
मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी आंधी-तूफान का असर देखने को मिलेगा. कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है. तापमान में गिरावट से गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन तेज हवाएं और ओले फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं. खासकर किसानों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है. प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है.
दक्षिण भारत में भी तेज बारिश
दक्षिण भारत में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम लगातार सक्रिय बना रहेगा. तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है. कई इलाकों में बिजली गिरने का खतरा रहेगा. समुद्र तटीय क्षेत्रों में हवाएं तेज चल सकती हैं, जिससे मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा और लोगों को लगातार अपडेट पर नजर रखनी होगी.
गुजरात और महाराष्ट्र में बदलेगा मौसम
गुजरात, कोंकण और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी मौसम बदलने वाला है. यहां गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है. इससे फसलों को नुकसान हो सकता है और शहरी इलाकों में भी असर देखने को मिल सकता है. लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
पूर्वोत्तर राज्यों का मौसम
पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा. यहां बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है. पहाड़ी और नदी किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. मौसम का असर सामान्य जनजीवन पर पड़ सकता है, इसलिए लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी गई है.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा?
उत्तर भारत, पूर्वी भारत और मध्य भारत के 21 राज्यों में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा. दिल्ली, यूपी, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में तेज आंधी-तूफान और बारिश की स्थिति बन सकती है. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी होगी, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा.
हवा की रफ्तार कितनी खतरनाक हो सकती है?
IMD के मुताबिक हवाओं की सामान्य रफ्तार 60 से 75 किमी प्रति घंटे रहेगी. लेकिन कई इलाकों में झोंके 80 किमी प्रति घंटे तक जा सकते हैं. यह रफ्तार कमजोर संरचनाओं, पेड़ों और बिजली के खंभों के लिए खतरनाक हो सकती है.
क्या इससे गर्मी से राहत मिलेगी?
हां, इस बदलाव से तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आएगी. इससे लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिलेगी. लेकिन आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा नई समस्याएं पैदा कर सकता है.
किसानों के लिए सबसे बड़ा खतरा क्या है?
ओलावृष्टि और तेज हवाएं फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं. खासकर गेहूं जैसी तैयार फसलें प्रभावित होंगी. कई राज्यों में पहले से ही नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं.
लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
लोगों को अनावश्यक बाहर निकलने से बचना चाहिए. बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें. पेड़ों और कमजोर इमारतों के पास खड़े न हों. वाहन सावधानी से चलाएं और मौसम अपडेट पर नजर रखें.