बारिश के मौसम में धान के खेतों में पानी भरने से फसल सड़ने का खतरा, जानें बचाव
Last Updated:
बारिश के बाद खेतों में पानी लगाना या जल भराव की समस्या फसलों के लिए हानिकारक होती है. अधिक पानी लगने से धान की फसलों में कई तरह के रोगों का खतरा बढ़ जाता है. भारी बारिश के बाद अगर खेत में पानी ज्यादा भर जाता है…और पढ़ें
बारिश के बाद खेतों में पानी लगाना या जल भराव की समस्या फसलों के लिए हानिकारक होती है. अधिक पानी लगने से धान की फसलों में कई तरह के रोगों का खतरा बढ़ जाता है. भारी बारिश के बाद अगर खेत में पानी ज्यादा भर जाता है. ऐसी स्थिति में धान की फसलों की जड़ों में सड़न लगने की संभावना हो सकती है. इसके अलावा अधिक पानी के कारण पौधे पीले पड़ने लगते हैं. जिससे पैदावार प्रभावित होता है. ऐसे में यह जरूरी है कि किसान धान की रोपाई करते हुए खेतों से पानी निकासी की भी व्यवस्था बनाए रखें ताकि खेतों में बरसात के मौसम में लगने वाले पानी को खेतों से बाहर किया जा सके. फसलों को इस तरह के रोगों से बचाया जा सके.
जल निकासी का प्रबंध है जरूरी
फसल की जड़ों में सदन की समस्या से पौधों का विकास रुक जाता है. जिससे पौधा कमजोर होकर गिर जाता है, इसके अलावा पौधों पर फंगस रोग लगने का भी खतरा बढ़ जाता है. इस स्थिति में पौधों पर सफेद रंग के स्पॉट दिखाई देने लगते हैं.इस स्थिति से फसलों को बचाने के लिए खेतों में उचित जल निकासी की व्यवस्था बनाना बेहद आवश्यक होता है. अगर फसल में इस तरह के लक्षण या रोग दिखाई देने लगे तो तत्काल ही फंगसाइड का छिड़काव करना जरूरी हो जाता है. इसके लिए मैनकोज़ेब जैसे फंगसाइड प्रभावी रूप से कारगर हो सकते हैं.