बारिश में दम तोड़ रहा दिल जोड़ने वाला फूल, आंख मूंदकर छिड़क दें इसे, अब यही आखिरी उम्मीद
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Rose farming tips for rainy season : इसकी खेती 12 महीने कर सकते हैं. बारिश का महीन बेस्ट है लेकिन इस मौसम में चुनौती भी ज्यादा रहती है. पौधा सूखने की समस्या हर बार देखने को मिलती है. इस बार भी किसान परेशान हैं.
सहारनपुर. बाजार में बढ़ती डिमांड को देखते हुए सहारनपुर के कई किसान गुलाब की खेती करना काफी पसंद करते हैं. यहां का गुलाब दिल्ली की मंडियों में काफी अच्छे दामों पर बिकता है. इसकी खेती 12 महीने कर सकते हैं. बारिश का महीन बेस्ट है लेकिन इस मौसम में चुनौती भी ज्यादा रहती है. बारिश के दिनों में गुलाब के पत्तों पर धब्बे पड़ने लगते हैं और वे धीरे-धीरे पीली होकर सूखने लगती हैं. पौधे की जड़ काली पड़ जाती है और पौधा भी धीरे-धीरे सूखता जाता है. ये समस्या हर बार देखने को मिलती है. इस बार भी किसान इससे काफी परेशान हैं.
इस ट्रिक से तुरंत मिलेगा छुटकारा
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी और प्रोफेसर डॉ. आईके कुशवाहा लोकल 18 से कहते हैं कि गुलाब के पौधों की पत्तियों में बरसात के मौसम में धब्बे पड़ने लगते हैं. ये एक फफूंदी जनित फंगल बीमारी है. अगर पौधों के पत्तों पर धब्बे दिखाई दे रहे हैं और पत्तियां सूख रही हैं तो इसके बचाव के लिए किसान ऐसी पत्तियों को पौधों से तुरंत हटाकर मिट्टी में दबा दें. कॉपर ऑक्सिक्लोराइड (COC) की 2 ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी के हिसाब से घोल कर छिड़काव कर दें. इससे पत्तियों पर धब्बे आने वाली समस्या दूर हो जाएगी. एक महीने तक हर हफ्ते इसका छिड़काव करें.
लेकिन इन पर नहीं करेगा काम
डॉ. कुशवाहा कहते हैं कि इस मौसम में गुलाब की जड़ काली होने लगती है, जिसका कारण मिट्टी है. इसके निदान के लिए फफूंदनाशी रसायन थायोफिनेट मिथाइल 1 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करें या मिट्टी में डाल दें. यह फफूंदनाशी रसायन मिट्टी के जीवाणु, फफूंदी और फंगस को रोकती है और पौधे को मजबूती देती है. ये दवा पूरी तरह सूख चुके गुलाब के पौधे पर काम नहीं करेगी. अगर कोई पौधा मुरझाया हुआ है और उसमें इस रोग के प्राथमिक लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो निश्चित रूप से ये बीमारी रोक देगा.