दिल्ली को सौगात लेकिन हरियाणा के इन शहरों की चमक जाएगी किस्मत, प्रॉपर्टी छूएगी आसमान
विशेषज्ञों की मानें तो 5,360 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली वाला 10.1 किलोमीटर का हिस्सा गुरुग्राम और मानेसर के लिए बड़ा फायदेमंद साबित होने जा रहा है. एक्सप्रेसवे के दिल्ली वाले हिस्से के शुरू होने से इसके गुरुग्राम वाले हिस्से से सटे गुरुग्राम और मानेसर में प्रीमियम हाउसिंग और प्रॉपर्टी की कीमतें और तेजी से बढ़ेंगी. जबकि इससे पहले इन इलाकों में पिछले पांच साल में कीमतें दोगुनी हो चुकी हैं.
अलीपुर से ढिंचाऊ कलां खंड के UER-II यानि दिल्ली के तीसरे रिंग रोड के उद्घाटन से दिल्ली को तो फायदा होगा ही लेकिन यह मार्ग बहादुरगढ़ और सोनीपत को सीधे दिल्ली से जोड़ देगा. ऐसे में इन शहरों में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. यहा रियल एस्टेट में बूम आने की पूरी संभावना है. इतना ही नहीं इससे न सिर्फ मालवाहक ट्रैफिक का बोझ घटेगा बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच भी आसान होगी. धौला कुआं, मुकरबा चौक और एनएच-09 जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर दबाव कम होगा.
इंफ्रास्ट्रक्चर से रियल एस्टेट की ग्रोथ
विशेषज्ञ मानते हैं कि हाईवे और मेट्रो जैसे इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स सीधे तौर पर रियल एस्टेट की मांग और कीमत को प्रभावित करते हैं. ऐसे में UER-II और द्वारका एक्सप्रेसवे से न सिर्फ रिहायशी प्रोजेक्ट्स बल्कि कमर्शियल और रिटेल डेवलपमेंट को भी गति मिलेगी. गुरुग्राम के साइबर सिटी और उद्योग विहार जैसे प्रमुख बिजनेस हब तक आसान कनेक्टिविटी से निवेशकों और घर खरीदारों दोनों को फायदा होगा.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
वहीं अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर कुशाग्र अंसल कहते हैं कि द्वारका एक्सप्रेसवे और UER-II से कनेक्टिविटी और इन्फ्रा ग्रोथ को नई दिशा मिलेगी. एनसीआर का हिस्सा हरियाणा के शहरों गुरुग्राम, सोनीपत आदि के हाउसिंग सेक्टर में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है.
बुनियादी ढांचा बदल देगा सूरत
चिंतामणि के फाउंडर और डायरेक्टर विकास दुआ कहते हैं कि द्वारका एक्सप्रेसवे और यूईआर-II के साथ हम बुनियादी ढांचे में एक ऐसा बदलाव देख रहे हैं जो किसी क्षेत्र की दिशा बदल देता है.इसके लाभ आवासीय भवनों से कहीं आगे तक फैले हैं. व्यावसायिक केंद्र, औद्योगिक क्षेत्र, लॉजिस्टिक्स पार्क और वेयरहाउसिंग सुविधाएं, सभी इस गति को महसूस करेंगे.