Meerut News: स्वामी रामभद्राचार्य की रामकथा के आयोजन के बाद विवाद, टेंट सप्लायर बोले- ‘नहीं मिला मेहनत का पैसा, 42 लाख बकाया’
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयोजन के लिए टेंट और सजावट की व्यवस्था देखने वाली एबी इमीग्रेशन एक्टिविटी कंपनी के मालिक अनुज अग्रवाल ने बताया कि 87 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था, जिसमें से अब तक केवल 45 लाख रुपए का ही भुगतान हुआ है, बाकि के 42 लाख रुपए का भुगतान अभी तक नहीं हुआ. बकाया मांगने पर रामकथा के आयोजक अब बात तक नहीं कर रहे.
अनुज अग्रवाल ने एक वीडियो बयान जारी कर इंटरनेट मीडिया पर यह आरोप लगाया कि उन्होंने कथा आयोजक दिव्य शक्ति ट्रस्ट और महामंडलेश्वर मां लाडलीनंद सरस्वती जी से अनुबंध किया था. अनुबंध के तहत उन्हें 87 लाख रुपए का काम सौंपा गया था, जिसमें से केवल 20 लाख रुपए एडवांस में दिए गए, और कार्यक्रम के दौरान कुछ और राशि मिली, लेकिन अब तक करीब 42 लाख रुपए का भुगतान रुका हुआ है.
भुगतान मांगने पर भी नहीं मिला जवाब
अनुज का दावा है कि उन्होंने कई बार बकाया राशि के लिए संपर्क किया, लेकिन न तो किसी ने जवाब दिया और न ही फोन कॉल्स का उत्तर मिला. उन्होंने कहा कि जब वह स्वयं महामंडलेश्वर जी के निवास स्थान पर भुगतान की मांग लेकर पहुंचे, तो वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और कथित रूप से वहां से भगा दिया.
अनुज ने बताया कि आयोजन के लिए उन्होंने कई स्थानीय सप्लायर्स और कामगारों से सामान और सेवाएं लीं, जिनका भुगतान अब वह नहीं कर पा रहे हैं. सप्लायर्स लगातार उन पर दबाव बना रहे हैं, जिससे उनकी व्यवसायिक साख और व्यक्तिगत सुरक्षा दोनों पर संकट मंडरा रहा है.
मानसिक तनाव और धमकियों का सामना
कंपनी मालिक ने यह भी बताया कि वह मानसिक तनाव में हैं और उन्हें धमकियों का भी सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उन्होंने पूरे आयोजन को ईमानदारी और पेशेवर जिम्मेदारी के साथ पूरा किया, लेकिन अब बकाया भुगतान न मिलने से वह बेहद परेशान हैं.
प्रशासन से की ये खास अपील
इस मामले में फिलहाल महामंडलेश्वर मां लाडलीनंद सरस्वती या कथा आयोजन समिति की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि, कंपनी मालिक अनुज अग्रवाल ने इस मामले न्याय की अपील करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है.