त्योहारों का मज़ा बढ़ा देती है यह मिठाई, सिर्फ चखते ही रह जाएं, जानें खासियत
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अलीगढ़ के तस्वीर महल चौराहे पर स्थित खंडेलवाल की गुजिया अपनी लाजवाब मिठास और शुद्धता के लिए जानी जाती है. आम दिनों के साथ-साथ खास मौकों और त्योहारों पर यहां की गुजिया का स्वाद लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है. महीन मावे, सूखे मेवों और पारंपरिक स्वाद से भरपूर इन गुजियों की खासियत ही इन्हें अलीगढ़ की पहचान बनाती है.
तालों के शहर अलीगढ़ के तस्वीर महल चौराहे पर स्थित खंडेलवाल की गुजिया शहर की खास मिठाईयों का अहम हिस्सा बन चुकी है. यहां की गुजिया अपनी लाजवाब मिठास और शुद्धता के लिए जानी जाती है. चाहे आम दिन हों या कोई त्योहार, इस दुकान पर लोगों की भीड़ उमड़ती रहती है. खास मौकों पर तो यह जगह मानो किसी मेले से कम नहीं लगती, जहां हर कोई बस खंडेलवाल की गुजिया का स्वाद लेने पहुंचता है.

अलीगढ़ की इन गुजियों की खासियत है उनका महीन खोवा, जिसमें सूखे मेवे और इलायची की खुशबू मिलकर ऐसा स्वाद तैयार करती है जो हर किसी के दिल को भा जाता है. पारंपरिक तरीके से तैयार की गई ये गुजिया न सिर्फ स्वादिष्ट होती हैं, बल्कि हर निवाले में मिठास और ताजगी का अहसास कराती हैं. यही कारण है कि खंडेलवाल की गुजिया अब अलीगढ़ की पहचान बन चुकी है.

जानकारी देते हुए दुकान मालिक राकेश खंडेलवाल बताते हैं कि इन गुजियों को बनाने के लिए सबसे पहले गांव से प्योर दूध मंगवाया जाता है. उसी दूध से खोवा तैयार किया जाता है. प्योर खोवा होने की वजह से इन गुजियों का स्वाद और भी गाढ़ा और लाजवाब हो जाता है. यही असली राज है हमारी यहाँ की गुजिया की लोकप्रियता का, जो हर किसी को इनसे जोड़ देता है.

इन गुजियों को बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री पूरी तरह शुद्ध और चुनी हुई होती है. इसमें मैदा, घी, खोवा और दूध का इस्तेमाल किया जाता है. साथ ही, मेवा और इलायची पाउडर का मिश्रण इन्हें और भी खास बना देता है. दुकान पर रोजाना 200 से 250 पीस गुजिया तैयार की जाती हैं, जो सुबह या दोपहर में बनते ही कुछ घंटों में पूरी तरह बिक जाती हैं.

कीमत की बात करें तो खंडेलवाल की गुजिया हर मिठाई प्रेमी के बजट में आसानी से फिट हो जाती है. यहां गुजिया की कीमत 15 रुपए प्रति पीस और लगभग 340 रुपए प्रति किलो है. इतना स्वाद और शुद्धता इतनी वाजिब कीमत में मिलना ही वह वजह है जिससे यह गुजिया हर घर-परिवार की पहली पसंद बन चुकी है.

दुकानदार राकेश खंडेलवाल का कहना है कि उनके यहां गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाता. यही वजह है कि अलीगढ़ ही नहीं बल्कि कोलकाता, आगरा, फिरोजाबाद और आसपास के कई जिलों से लोग इन गुजियों को खाने और पैक करवाने आते हैं. रिश्तेदारों और मेहमानों के लिए भी लोग यहां से खासतौर पर गुजिया पैक करवाकर ले जाते हैं.

राकेश खंडेलवाल की गुजिया सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि लोगों के लिए एक यादगार स्वाद बन चुकी है. त्योहारों की मिठास हो या किसी खुशी का जश्न, यहां की गुजिया हर मौके को खास बना देती है. यही कारण है कि पिछले 22 साल से खंडेलवाल की यह मिठास लोगों के दिलों तक पहुंच रही है और राकेश को उम्मीद है कि आने वाली पीढ़ियां भी इसे उतनी ही शिद्दत से पसंद करती रहेंगी.