Bareilly News: ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद! मौलाना तौकीर रजा के प्रदर्शन का ऐलान…पुलिस अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर रखी जा रही नजर
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Love Muhammad Dispute: बरेली में आईएमसी नेता मौलाना तौकीर रजा खां के I Love Muhammad जुलूस के ऐलान बरेली प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. पूरे जिले को हाई अलर्ट पर रखा गया है. पुलिस ने शहर के प्रमुख मार्गों पर बैरियर लगाए हैं और चप्पे-चप्पे पर पेट्रोलिंग कर रही है.
बरेली में तौकीर रजा के आई लव मोहम्मद जुलूस के एलान को लेकर पुलिस अलर्ट बरेली: आइएमसी नेता मौलाना तौकीर रजा खां के ऐलान पर कल शुक्रवार को होने वाले प्रदर्शन और पैदल मार्च से पहले एसएसपी अनुराग आर्य ने सुरक्षा का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है. पूरे जिले को हाई अलर्ट पर रखा गया है. शहर से बाहर आने-जाने वाले रास्तों की नाकेबंदी की जा रही है.
डीएम अविनाश सिंह ने स्पष्ट किया है कि मौलाना तौकीर रजा के प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में आकर भीड़ और प्रदर्शन का हिस्सा न बनें. बरेली जिले में धारा 163 लागू की गई है. डीएम ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इसका कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया है. उन्होंने शरारती तत्वों से सख्ती से निपटने का निर्देश भी दिया है.
आई लव मोहम्मद पर बोले मौलाना शहाबुद्दीन रजवी
बता दें कि इस वक्त पूरे देश में “आई लव मोहम्मद” पर हो रहे एहतजाज और विवाद पर स्पष्ट अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का कहना है कि पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद से मोहब्बत करना हमारा ईमान और अकीदा है. लेकिन इसके साथ-साथ उनकी शिक्षा पर अमल करना सबसे ज़्यादा जरूरी है. उन्होंने पूरी दुनिया को अमन और शांति का पैग़ाम दिया. अपने विरोधियों से उन्होंने न तो विवाद किया और न ही कोई टकराव का रास्ता अपनाया, बल्कि हमेशा समझौते की राह अपनाई. इतिहास गवाह है कि सबसे बड़ा समझौता “सुलहए हुदैबिया” का है, जिसे पढ़ना और समझना चाहिए. यह वाकया तरीक़े इस्लाम का बहुत बड़ा हिस्सा है.
हुड़दंग नहीं, अमन का रास्ता अपनाएं
मौलाना ने कहा कि मोहब्बत का इज़हार सड़कों पर हुड़दंग मचाकर, जुलूस निकालकर, धरना-प्रदर्शन करके, पुलिस से टकराकर, गैर-मुसलमानों से भिड़कर या दुकानों में तोड़फोड़ करके नहीं किया जा सकता. यह पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षा के खिलाफ है. उन्होंने फरमाया कि अच्छा मुसलमान वही है जिसके हाथ, पांव और ज़बान से किसी को तकलीफ न पहुंचे.
मौलाना ने कहा कि हुजूर ने अपनी हदीस में फ़रमाया है कि “नमाज़ पढ़ना मेरी आंखों की ठंडक है”. इसलिए मुसलमानों को चाहिए कि पांच वक्त की नमाज़ अदा करें. इससे ही पैगंबर-ए-इस्लाम की रूह को खुशी होगी, न कि बैनर और होर्डिंग्स लगाने से. उनकी शिक्षा मोहब्बत और रहमत की है. अल्लाह ने उन्हें रहमत-उल-आलमीन बनाकर भेजा, यानी वे सिर्फ मुसलमानों के लिए नहीं बल्कि हिंदुओं, सिखों और ईसाइयों सहित पूरी इंसानियत के लिए रहमत हैं.
मौलाना ने आगे कहा कि उनका सबसे बड़ा पैग़ाम मोहब्बत, अमन और शांति है. उन्होंने सिखाया — झूठ मत बोलो, धोखा मत दो, नाजायज़ काम मत करो, नशा और शराब से दूर रहो, जुआ-सट्टा मत खेलो. यही उनकी शिक्षाएं हैं, जिन पर अमल कर इंसान अपनी ज़िंदगी और सीरत को बेहतर बना सकता है. अगर मोहब्बत का इज़हार करना है, तो सीरत-उल-नबी के जलसे करें, मस्जिदों और मदरसों में उनकी सीरत पर रोशनी डालें, और अपनी व अपने परिवार की ज़िंदगी को उनके बताए रास्ते पर चलाकर गुज़ारें. किसी भी हाल में कानून को अपने हाथ में न लें, और टकराव का कोई भी रास्ता न चुनें, इससे खुद को और अपने परिवार को मुश्किल में न डालें.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने साह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं…और पढ़ें
सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने साह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं… और पढ़ें