महिला अस्पताल में शुरू हुई आपातकालीन सेवा, 2600 मरीजों की बचाई जा सकी जान
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Chandauli News: मुगलसराय महिला अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. एसके चतुर्वेदी ने लोकल 18 से कहा कि आपातकालीन सेवा की बहाली सीएमओ सर के सहयोग से संभव हो सकी. सभी इमरजेंसी मरीजों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) देना उनकी पहली प्राथमिकता है, जिससे उन्हें जीवित रखा जा सके.
चंदौली जिले के मुगलसराय महिला अस्पताल में वर्ष 2022 में आपातकालीन चिकित्सा सेवा बंद कर दी गई थी. जिससे स्थानीय लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में 15 किलोमीटर दूर चंदौली जिला अस्पताल या महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था. इलाज में देरी के कारण कई मरीजों की जान पर बन आती थी.
2600 मरीजों की बची जान
वर्ष 2024 में इस अस्पताल में आपातकालीन सेवा को दोबारा शुरू किया गया, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पिछले 18 महीनों में आपातकालीन विभाग में 2665 मरीज पहुंचे, जिनमें से करीब 2600 मरीजों की जान समय पर प्राथमिक उपचार मिलने से बचाई जा सकी. इस सेवा के दोबारा शुरू होने से खासतौर पर गर्भवती महिलाओं, सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों और हृदय रोगियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलने लगी है.
एम्बुलेंस सेवाएं रहती हैं उपलब्ध
मुगलसराय महिला अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. एसके चतुर्वेदी ने लोकल 18 से कहा कि आपातकालीन सेवा की बहाली सीएमओ सर के सहयोग से संभव हो सकी. सभी इमरजेंसी मरीजों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) देना उनकी पहली प्राथमिकता है, जिससे उन्हें जीवित रखा जा सके.अस्पताल में रात में भी डॉक्टर, वार्ड बॉय और महिला स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जो गर्भवती महिलाओं की इमरजेंसी स्थिति में देखभाल करती हैं. इसके अलावा 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाएं हर समय उपलब्ध रहती हैं. आपातकालीन स्थिति में आवश्यक दवाइयां और इंजेक्शन भी अस्पताल में मौजूद रहते हैं.