दीपावली के दिन बन रहा दुर्लभ संयोग, मां लक्ष्मी की कृपा से खुलेगा भाग्य
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Diwali 2025:अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम ने बताया कि दीपावली के दिन नक्षत्र का दिव्य संयोग होता है तभी यह पर्व भी मनाया जाता है. लेकिन इस बात के दीपावली में कई दुर्लभ सयोग का निर्माण भी हो रहा है जिसमें वृष लग्न,तुला लग्न, कुंभ लग्न का दुर्लभ सयोग बन रहा हैं जिससे दीपावली कई मायने से बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है .
हिंदू धर्म में बड़े पर्व में से दीपावली का पर्व बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है. इस पर्व को लेकर लोग साल भर से इंतजार भी करते हैं. ऐसी स्थिति में इस बार दीपावली को लेकर कई तरह के कन्फ्यूजन भी है. आखिर कब दीपावली है. कोई 21 अक्टूबर को दीपावली की बात मानने की कर रहा है तो कोई 20 अक्टूबर को दीपावली की बात कर रहा है. लेकिन ज्योतिष शास्त्र और हिंदू पंचांग के अनुसार प्रतिवर्ष कार्तिक माह के अमावस्या तिथि को ही दीपावली का पर्व मनाया जाता है.इस वर्ष अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 2:32 से शुरू होकर 21 अक्टूबर को 4:26 तक रहेगी. ऐसी स्थिति में 20 अक्टूबर यानी कि सोमवार के दिन ही दीपावली मनाई जाएगी.
ज्योतिष गणना के अनुसार इस बार के दीपावली में कई वर्षों बाद अद्भुत संयोग भी देखने को मिल रहा है. उस सयोग में पूजा करने से कई गुना फल की प्राप्ति भी होगी. अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम ने बताया कि दीपावली के दिन नक्षत्र का दिव्य संयोग होता है तभी यह पर्व भी मनाया जाता है. लेकिन इस बात के दीपावली में कई दुर्लभ सयोग का निर्माण भी हो रहा है जिसमें वृष लग्न,तुला लग्न, कुंभ लग्न का दुर्लभ सयोग बन रहा हैं जिससे दीपावली कई मायने से बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है .
ग्रहों के दिव्य संयोग से इस बार की दीपावली बहुत दिव्य हो रही है इस दिन अगर भगवती लक्ष्मी के सम्मुख चौमुखी दीपक जलाकर पूजा आराधना किया जाए तो कई गुना फल की प्राप्ति होगी.दीपावली के दिन कुंभ लग्न 2:09 से लेकर 3:40 तक रहेगा तो दूसरी तरफ वृषभ लग्न शाम 6:51 से लेकर रात 8:48 तक रहेगा तुला लग्न मध्य रात्रि 1:19 से लेकर 3:33 तक रहेगा दीपावली के दिन इस लग्न में पूजा आराधना करने से महालक्ष्मी बेहद प्रसन्न होती है.सभी मनोकामना पूरी होती है सामान्यत तौर पर दीपावली की रात वृषभ लग्न होता है जिसमें सभी महालक्ष्मी की पूजा करते हैं सिंह लग्न मध्य रात्रि 1:19 से 3:33 बजे के बीच आता है इस समय घनी रात्रि रहती है अमावस्या और सिंह लग्न यानी सोने पर सुहागा यह विशेष लाभदायक होता है.