केले की गिरती कीमत से टूटे किसान, फावड़े से काट डाली तैयार फसल
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Lakhimpur Kheri News: किसान रामू वर्मा ने बताया कि केले की फसल को तैयार करने में करीब एक से डेढ़ लाख रुपये की लागत लगाई थी. हालांकि, बाजार में केले का भाव मात्र डेढ़ सौ रुपये प्रति क्विंटल रह गया है. इस स्थिति में लागत की आधी कीमत भी नहीं निकल पा रही है.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसान केले की खेती करते हैं. केले की खेती कर किसानों को अच्छा खासा मुनाफा होता था. परंतु इस बार केले की खेती करने वाले किसानों को नुकसान हुआ है. ऐसे में कच्चा केला बाजारों में किसानों का ₹1 प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है. यानी की ₹1000 कुंतल बिक रहा है.वहीं पिछले वर्ष केले के दाम 2000 से अधिक थे.
1 एकड़ की फसल को तैयार करने के लिए करीब एक से डेढ़ लाख रुपए की लागत आती है. ऐसे में केले की खेती करने से किसानों को इस बार काफी नुकसान हुआ है. जिस कारण किसान परेशान है किसानों ने अपनी केले की फसल को बर्बाद कर रहे हैं.निघासन तहसील क्षेत्र के सुक्खनपुरवा गांव के किसान रामू वर्मा को केले के कम दाम न मिलने से अपनी साढ़े छह बीघा में खड़ी तैयार फसल को फावड़े से काटकर गिरा दिया.
केले के दाम में गिरावट
किसान रामू वर्मा ने बताया कि उन्होंने इस फसल को तैयार करने में करीब एक से डेढ़ लाख रुपये की लागत लगाई थी. हालांकि, बाजार में केले का भाव मात्र डेढ़ सौ रुपये प्रति क्विंटल रह गया है. इस स्थिति में लागत की आधी कीमत भी नहीं निकल पा रही है.रामू वर्मा के अनुसार, अब वह खेत को खाली करके उसमें लाही (सरसों) और गन्ने की फसल की बुआई करेंगे. उन्हें उम्मीद है कि इन फसलों से कुछ बेहतर आमदनी हो सकेगी. गांव के अन्य किसानों का भी यही कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से केले की खेती में लागत बढ़ गई है. दाम घट गए हैं, जिससे मुनाफा लगभग खत्म हो गया है. यदि यही स्थिति बनी रही, तो इलाके के कई किसान दूसरी फसलें उगाने पर मजबूर होंगे.