Ground Report: घर तो जाना ही है सर…ट्रेन में सीट छोड़िए, खड़े होने की जगह नहीं, देखिए दिवाली-छठ पर दर्द-ए-सफर
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Ground Report: पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल है, हर कोई किसी भी हालत में अपने घर समय पर पहुंचना चाहता है. ट्रेनों के जनरल, स्लीपर और एसी कोचों में भीड़ का एक जैसा हाल है. सीट तो दूर, खड़े होने की भी जगह मुश्किल से मिल रही है.
Indian Railways Seat Full: चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन पर इन दिनों भारी भीड़ देखी जा रही है. दिवाली और छठ महापर्व के मद्देनजर लोग बड़ी संख्या में अपने-अपने घरों की ओर लौट रहे हैं. खासकर पूर्वांचल और बिहार जाने वाली सभी प्रमुख ट्रेनें पूरी तरह से फुल हैं. आलम यह है कि यात्रियों को ट्रेन के गेट और टॉयलेट तक में बैठकर यात्रा करनी पड़ रही है.
नहीं हो रहा टिकट कन्फर्म
हैदराबाद से लौट रहे यात्री विष्णु ने लोकल 18 से बताया कि उन्होंने 2 महीने पहले टिकट बुक कराया था, लेकिन तब भी कन्फर्म टिकट नहीं मिल सका. मजबूरी में उन्हें चालू टिकट पर यात्रा करनी पड़ी और TTE को फाइन देकर ट्रेन में चढ़ना पड़ा. उन्होंने बताया कि सिकंदराबाद से दानापुर जाने वाली ट्रेन में इतनी भीड़ थी कि लोग एक-दूसरे के ऊपर बैठकर सफर कर रहे थे.
क्षमता से अधिक आ रहे यात्री
वहीं, विष्णु ने कहा कि ‘त्योहार है, घर तो जाना ही है, चाहे जैसे भी जाना पड़े’ उनका यह बयान आज लाखों प्रवासियों की स्थिति को दर्शाता है, जो साल भर कामकाज में व्यस्त रहने के बाद त्योहारों पर अपने परिवार से मिलने के लिए लंबी और कठिन यात्रा करते हैं. रेल प्रशासन की ओर से कुछ अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन वह भी नाकाफी साबित हो रही है. हर कोच में क्षमता से कहीं अधिक यात्री चढ़े हुए हैं.
कैसे भी पहुंचना है त्योहार में घर
त्योहारों पर घर लौटने की इस जद्दोजहद ने न केवल रेलवे व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखा दिया कि अपने घर और अपनों के लिए लोग कितनी कठिनाइयों का सामना करने को तैयार रहते हैं. चाहे ट्रेन की हालत कैसी भी हो, चाहे टिकट कन्फर्म हो या न हो, घर जाना है. यही भावना हर यात्री की आंखों में साफ दिखाई देती है.
काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें
काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की… और पढ़ें