फर्जी दूतावास, शेल कंपनियां और बड़े ट्रांजेक्शन… गाजियाबाद के नटवरलाल हर्षवर्धन पर ED का एक्शन, मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज
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Ghaziabad News: एसटीएफ नोएडा की टीम ने जुलाई में गाजियाबाद से हर्षवर्धन जैन को गिरफ्तार कर इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया था. पहले इस मामले की जांच गाजियाबाद पुलिस कर रही थी. बाद में डीजीपी मुख्यालय ने इसकी जांच एसटीएफ को सौंप दी थी. अब इस केस में नया अपडेट सामने आया है.
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में जालसाज हर्षवर्धन जैन द्वारा फर्जी दूतावास चलाने का मामला पिछले कुछ महीने पहले सामने आया था. अब इस मामले में ईडी लखनऊ जोनल मुख्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है. जुलाई में एसटीएफ नोएडा की टीम ने हर्षवर्धन जैन को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया था. शुरुआती जांच गाजियाबाद पुलिस कर रही थी, जिसे बाद में डीजीपी मुख्यालय ने एसटीएफ को सौंप दिया था.
एसटीएफ की जांच में पता चला कि हर्षवर्धन जैन सिर्फ फर्जी दूतावास नहीं चला रहा था, बल्कि देश के नामी-गिरामी बिजनेस घरानों और हस्तियों के नाम में मामूली बदलाव कर विदेशों में शेल कंपनियां रजिस्टर करवा रहा था. इन कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये का काला-सफेद धन घुमाया गया. जांच में उसकी 17 कंपनियों की जानकारी मिली, जो यूके और अन्य देशों में पंजीकृत थीं.
कैसे करता था फर्जीवाड़ा?
हर्षवर्धन जैन नामी कंपनियों के नाम में थोड़े बदलाव कर विदेशों में पंजीकरण करवा देता था. लोगों के सामने वह बड़ी कंपनियों का डायरेक्टर होने का दावा करता था. एसटीएफ को उसके पास कई दस्तावेज मिले, जिनमें बड़ी कंपनियों के नाम शामिल थे. हर्षवर्धन ने सिर्फ प्राइवेट कंपनियों का ही नहीं, बल्कि सरकारी कंपनियों के नाम पर भी फर्में बनाई.
तुर्की से बड़ा कनेक्शन
एसटीएफ ने हर्षवर्धन के 20 से ज्यादा बैंक खातों की जानकारी हासिल की. इनमें से एक खाते से ही 7 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ. अन्य खातों का भी विश्लेषण चल रहा है. तुर्की नागरिक एहसान अली सैय्यद ने शेल कंपनियां बनाने में हर्षवर्धन की मदद की. 2002 से 2004 के बीच अकेले इन दोनों के खातों में 20 करोड़ रुपये से ज्यादा का संदिग्ध लेनदेन हुआ.
कब हुई थी गिरफ्तारी?
एसटीएफ ने 23 जुलाई 2025 को गाजियाबाद के कविनगर से हर्षवर्धन जैन को गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के समय उसके पास 44 लाख 70 हजार रुपये, विभिन्न देशों की विदेशी मुद्रा, 20 डिप्लोमैटिक गाड़ियों की नंबर प्लेट, चार डिप्लोमैटिक नम्बर प्लेट लगी गाड़ियां और अन्य सामान बरामद हुआ.