Barabanki News: जेल में बंदी, पर हुनर के बंदे, कैदियों के पर्यावरण-friendly उत्पादों ने दीपावली बाजार में मचाई धूम
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Barabanki News: दीपावली के पर्व पर जिला कारागार के बंदी गोबर से बने पर्यावरण-मित्र उत्पाद जैसे दिए, झालर और मूर्तियां बना रहे हैं, जो न केवल त्योहार की रौनक बढ़ा रहे हैं बल्कि उपयोग के बाद खाद के रूप में भी काम आते हैं. जेल प्रशासन और निमदस संस्था की संयुक्त कोशिश से कैदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है और उन्हें जेल से बाहर निकलने के बाद रोजगार मिलने का रास्ता मिल रहा है.
बाराबंकी: 20 अक्तूबर 2025 सोमवार को दीपावली धूम के साथ पूरे देश में मनाई जाएंगी. दीपावली पर्व से पहले लोग अपने-अपने घर को सजाने के लिए झालर, मूर्ति आदि समान खरीदते है. लेकिन, इस बार यूपी के बाराबंकी जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों द्वारा गोबर से तैयार किए जा रहे उत्पाद ग्राहकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं.
संस्था के प्रबंधक संतोष कुमार वर्मा लगातार सक्रिय रहकर जेल में निरुद्ध कैदियों को विभिन्न निर्माण कलाओं में पारंगत बनाने का कार्य कर रहे हैं. संतोष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रयास से कैदियों के जीवन में न केवल सुधार आएगा, बल्कि उन्हें रोजगार भी प्राप्त होगा, जिससे वे सम्मान से अपना घर चला सकेंगे.
संतोष ने यह भी बताया कि दीपावली के पर्व हेतु जो उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, उनके अतिरिक्त बड़े पैमाने पर खाद भी तैयार की जाती है, जो केंचुए द्वारा बनाई जाती है. इसकी उत्पादन क्षमता लगभग सौ क्विंटल होती है, जिसमें 45 दिनों का समय लगता है.
वहीं, जेल अधीक्षक कुंदन कुमार ने बताया कि हमारा यही प्रयास है कि जो बंदी जेल में निरुद्ध हैं, वे जब यहां से छूटकर जाएं तो कुछ सीखकर जाएं. जो उत्पाद उनके द्वारा तैयार कराए जा रहे हैं, उनकी बिक्री कॉपरेटिव के माध्यम से कराई जाएगी, जिसका लाभांश उन्हें दिया जाएगा, जिससे उनकी आमदनी हो सके.

मैं राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहा हूं. मुझे हिंदी मीडिया में 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. मैंने प्रिंट में रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल मीड…और पढ़ें
मैं राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहा हूं. मुझे हिंदी मीडिया में 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. मैंने प्रिंट में रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल मीड… और पढ़ें