एम्स की मीडिया सेल चेयरपर्सन डॉ. आराधना सिंह ने बताया कि, जैसे-जैसे एम्स में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे सीधे दिखाने की व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा.

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एम्स की मीडिया सेल चेयरपर्सन डॉ. आराधना सिंह ने बताया कि, जैसे-जैसे एम्स में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे सीधे दिखाने की व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा.


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Gorakhpur News: एम्स की मीडिया सेल चेयरपर्सन डॉ. आराधना सिंह ने बताया कि जैसे-जैसे एम्स में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे सीधे दिखाने की व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा.अब निजी डॉक्टरों के रेफरल पर्चे को मान्यता नहीं दी जाएगी.

गोरखपुर, एम्स में मरीजों के लिए OPD व्यवस्था में एक बार फिर बदलाव की तैयारी चल रही है.पहले जैसी पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू करने की योजना बनाई जा रही है. जिसके तहत अब मरीज सीधे विशेषज्ञ डॉक्टरों को नहीं दिखा पाएंगे. यह नियम फिलहाल न्यूरो सर्जरी विभाग में लागू हो चुका है और जल्द ही गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी समेत अन्य विभागों में भी लागू किया जाएगा.

नई व्यवस्था के तहत मरीज को पहले मेडिसिन या सर्जरी विभाग में डॉक्टर को दिखाना होगा.अगर डॉक्टर को आवश्यकता महसूस होती है, तभी वे मरीज को संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर के पास रेफर करेंगे. इसके बाद दोबारा पर्चा बनेगा और मरीज को विशेषज्ञ डॉक्टर केबिन के बाहर नंबर लगाकर इंतज़ार करना होगा.

OPD में 300 से अधिक मरीज पहुंच मरीज
अभी तक मरीज सीधे विशेषज्ञ डॉक्टरों को दिखा सकते थे, जिससे समय की बचत होती थी. लेकिन इससे डॉक्टरों पर अत्यधिक मरीजों का दबाव बढ़ गया था. एक ओपीडी में तीन सौ से अधिक मरीज पहुंचने लगे थे, जिसके चलते डॉक्टरों को हर मरीज को पर्याप्त समय देना मुश्किल हो रहा था.

विशेषज्ञ डॉक्टर देखेंगे मरीजों को
एम्स की मीडिया सेल चेयरपर्सन डॉ. आराधना सिंह ने बताया कि जैसे-जैसे एम्स में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे सीधे दिखाने की व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा.अब निजी डॉक्टरों के रेफरल पर्चे को मान्यता नहीं दी जाएगी. विशेषज्ञ डॉक्टर उन्हीं मरीजों को देखेंगे. जिन्हें वास्तव में उनकी आवश्यकता होगी.एम्स प्रशासन ने विशेषज्ञ OPD में मरीजों की संख्या भी सीमित कर दी है. ऑनलाइन माध्यम से केवल 105 और ऑफलाइन माध्यम से 50 मरीजों का ही पंजीकरण किया जा सकेगा. यह व्यवस्था अभी मौखिक रूप से लागू है, लेकिन पर्चा काउंटर पर इसका पालन सख्ती से किया जा रहा है. वहीं पूर्व कार्यकारी निदेशक डॉ. अजय सिंह ने ही पहले मरीजों की सुविधा के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों को सीधे दिखाने की व्यवस्था शुरू की थी.

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एम्स की मीडिया सेल चेयरपर्सन डॉ. आराधना सिंह ने बताया कि, जैसे-जैसे एम्स में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे सीधे दिखाने की व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा.



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