जब 26 लाख दीपक से सजेगा अयोध्या, तो वहीं 2100 लोग करेंगे महाआरती..वर्ल्ड रिकॉर्ड की शुरू हुई तैयारी

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जब 26 लाख दीपक से सजेगा अयोध्या, तो वहीं 2100 लोग करेंगे महाआरती..वर्ल्ड रिकॉर्ड की शुरू हुई तैयारी


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Ayodhya latest News: गिनीज टीम के एडवाइजर निश्चल बारूल के मुताबिक, इस बार काउंटिंग के लिए तीन अलग-अलग पद्धतियों का इस्तेमाल किया जाएगा.

अयोध्या: अयोध्या फिर से इतिहास रचने को तैयार है. दीपोत्सव के मौके पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम अयोध्या पहुंच चुकी है. इस बार अयोध्या में एक साथ तीन वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए जाएंगे. 26 लाख,11 हजार 101 दीपक जलाकर कीर्तिमान स्थापित करने की तैयारी में अवध विश्वविद्यालय के 35,000 वालंटियर जुटे हैं. वहीं, 2,100 लोगों द्वारा सामूहिक आरती का रिकॉर्ड भी बनाने की योजना है, जिसके लिए गिनीज बुक की टीम मौजूद है. अब सवाल उठता है कि गिनीज टीम एक-एक दीपक की गिनती कैसे करती है और क्या इसमें तकनीक का इस्तेमाल होता है. आइए इस रिपोर्ट में हम इसे विस्तार से समझाते हैं.

नया इतिहास रचने का है लक्ष्य

अयोध्या में दीपोत्सव की भव्य तैयारियां जोरों पर हैं. गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम लगभग 150  सदस्यों के साथ अयोध्या पहुंच चुकी है और इस बार इतिहास दोहराने से आगे बढ़कर, नया इतिहास रचने का लक्ष्य है. गिनीज टीम के एडवाइजर निश्चल बारूल के मुताबिक, इस बार काउंटिंग के लिए तीन अलग-अलग पद्धतियों का इस्तेमाल किया जाएगा.

हाई-टेक सॉफ्टवेयर, ड्रोन और डिजिटल अकाउंटिंग का होगा इस्तेमाल

हाई-टेक सॉफ्टवेयर, ड्रोन और डिजिटल अकाउंटिंग के ज़रिए दीपों की गिनती की जाएगी, ताकि हर एक दीये का सटीक आंकड़ा सामने आ सके गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम के सदस्य निश्चल ने बताया कि पिछले वर्ष लगभग 25 लाख 12000 दीपक जलाए गए थे इस वर्ष लक्ष्य: 26,11,101 दीपक जलने का है और राम की पैड़ी के तटों पर 29 लाख दीपक बिछाए जाएंगे.

2100 लोग करेंगे सरयू की महाआरती

इस भव्य आयोजन के लिए 190 लोगों की टीम दिन-रात काम में जुटी है और सिर्फ दीप ही नहीं, बल्कि सरयू की महाआरती भी इस साल इतिहास रचने वाली है. 2100 लोग एक साथ सरयू की महाआरती करेंगे और इसका भी रिकॉर्ड दर्ज कराने की तैयारी हो रही है. ड्राई रन के लिए विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, जो हर मूवमेंट और संख्या पर पैनी नजर रखेगा. गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम के सदस्य निश्चल ने बताया कि हम तीन तरह की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं- ड्राई रन, ड्रोन, और डिजिटल अकाउंटिंग, ताकि रिकॉर्ड एकदम पारदर्शी और प्रमाणिक हो.

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