मनरेगा श्रमिकों को अब हर साल करना होगा यह काम, वरना नहीं मिलेगा भुगतान, बदल गए हैं नियम

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मनरेगा श्रमिकों को अब हर साल करना होगा यह काम, वरना नहीं मिलेगा भुगतान, बदल गए हैं नियम


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UP News: आजमगढ़ की 1811 ग्राम पंचायतों में 3 लाख 24 हजार 906 सक्रिय मनरेगा श्रमिकों के लिए ई केवाईसी अनिवार्य है, बिना ई केवाईसी हाजिरी और मजदूरी नहीं मिलेगी.

आजमगढ़. सरकार की तरफ से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) का संचालन किया जाता है, जिससे जुड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिक का काम करने वाले लोगों को इसका लाभ मिलता है. मनरेगा कार्यो के लिए नियमों के तहत श्रमिकों को ई केवाईसी करना बिल्कुल अनिवार्य कर दिया गया है ई केवाईसी न करने की स्थिति में काम करने के बावजूद भी उनकी हाजिरी नहीं लग सकेगी. जिससे उनकी दिहाड़ी मिलने में उन्हें समस्या हो सकती है. ऐसे में वह श्रमिक जो मनरेगा के अंतर्गत कार्य करते हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से ई केवाईसी करना अनिवार्य होगा.

ई केवाईसी नहीं तो हाजिरी नहीं 

सरकारी पेंशनधारियों की तरह मनरेगा के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों को भी हर वर्ष ई केवाईसी प्रक्रिया करना अनिवार्य कर दिया गया है. इस प्रक्रिया के तहत श्रमिकों को कार्य शुरू होने से पहले जीवित प्रमाण पत्र वेबसाइट पर अपलोड करना होगा. ऐसे में यदि श्रमिक ई केवाईसी पूरा नहीं कर पाते हैं, तो कार्यस्थल पर उनकी हाजिरी दर्ज नहीं की जा सकेगी. जिससे उनकी मजदूरी भी प्रभावित होगी. इसका उद्देश्य फर्जी जॉब कार्ड धारकों को चिन्हित कर योजना में पारदर्शिता लाना है. योजना के तहत रोजगार उपलब्ध करने वाले श्रमिकों को ज्यादा से ज्यादा इस योजना का लाभ मिल सके एवं पात्र व्यक्ति ही इस योजना से जुड़ सके इसके लिए ई केवाईसी को अनिवार्य किया गया है.

ऐसे होगी ईकेवाईसी

बताते चलें कि आजमगढ़ जनपद की 1811 ग्राम पंचायत में कुल 5 लाख 75 हजार 401 श्रमिक पंजीकृत हैं. इन श्रमिकों में से 3 लाख 24 हजार 906 मनरेगा श्रमिक वर्तमान में सक्रिय हैं. बचे हुए श्रमिक निष्क्रिय हैं. ऐसे में शासन की ओर से अब इन मनरेगा श्रमिकों का सत्यापन करने का निर्णय लिया गया है. जिससे लाभार्थियों की पुष्टि करते हुए उन्हें योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ उपलब्ध कराया जा सके. बता दें कि इस कार्य के लिए ग्राम पंचायत में 600 से अधिक रोजगार सेवकों को तैनात किया गया है. जिससे समय रहते श्रमिकों की ई केवाईसी की जा सके. इसके साथ ही श्रमिक अपने मनरेगा जॉब कार्ड और आधार कार्ड के साथ ग्राम पंचायत कार्यालय में भी जाकर ई केवाईसी कर सकते हैं.

Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों में रिपोर्टिंग से ल…और पढ़ें

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों में रिपोर्टिंग से ल… और पढ़ें

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