Cow dung Compost: अब गोबर से सिर्फ 30 दिन में बनेगी खाद, समय और लागत दोनों में बचत; पैदावार भी होगी बंपर
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The process of making cow dung manure: डॉ. सुनील विश्वकर्मा ने बताया कि ‘ऑर्गेनो डी कंपोजर’ से गोबर केवल 30 दिन में सड़कर खाद बन जाता है. एक क्विंटल गोबर के लिए 1 किलो डी कंपोजर चाहिए. इसे 56 रुपए प्रति किलो में गन्ना शोध परिषद से ले सकते हैं. यह तरीका समय और पैसा दोनों बचाता है.
Cowdung Compost: फसलों से अच्छा उत्पादन लेने के लिए किसान रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल करते हैं, जबकि वैज्ञानिक किसानों को गोबर की सड़ी हुई खाद या वर्मी कंपोस्ट का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. गोबर की सड़ी हुई खाद में वह सभी सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं जो किसी भी फसल की ग्रोथ के लिए जरूरी होते हैं. लेकिन गोबर की खाद को जल्द तैयार करना किसानों के लिए एक चुनौती है. गोबर की खाद तैयार करना एक लंबी प्रक्रिया है.
गोबर की बनाएं खाद
ऑर्गेनो डी कंपोजर से गोबर को सड़ा कर उसकी खाद भी बनाई जा सकती है. जिसके लिए एक कुंटल गोबर की खाद बनाने के लिए 1 किलो ऑर्गेनो डी कंपोजर की जरूरत होगी. जिसका घोल बनाकर गोबर के ऊपर छिड़काव करना है. जिसके 10 दिन बाद एक बार फिर से गोबर को पलट कर फिर ऑर्गेनो डी कंपोजर का छिड़काव कर देना है. इसी तरह दो से तीन बार करने के बाद उसको 30 से 40 दिन के लिए छोड़ देना है. जिसके बाद कम्पोस्ट खाद बनकर तैयार हो जाएगी.
कैसे खरीदें ऑर्गेनो डी कंपोजर ?
गन्ना शोध परिषद के वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. सुनील विश्वकर्मा ने बताया कि गन्ना शोध परिषद की ओर से यह ऑर्गेनो डी कंपोजर किसानों को 56 रुपए प्रति किलो की दर से मुहैया कराया जाता है. अगर कोई भी किसान ऑर्गेनो डी कंपोजर लेना चाहता है तो वह उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर आकर ले सकता है.
काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें
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