Agriculture News: गेहूं की बुवाई में ऐसे करें यूरिया का इस्तेमाल! एक गलती पहुंचा सकती है पूरे खेत को नुकसान, जानें सही तरीका
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Genhu Ki Buwai Tips in Hindi: गेहूं की फसल से अधिक पैदावार और कम लागत पाने के लिए सही उर्वरक प्रबंधन बेहद जरूरी है. कृषि वैज्ञानिकों से जानिए कैसे सही समय पर यूरिया का इस्तेमाल करने से फसल की उपज बढ़ती है और किसानों की लागत घटती है. जानिए विशेषज्ञों के मुताबिक गेहूं की फसल में खाद देने का सही तरीका क्या है.
कन्नौज: रबी सीजन में गेहूं की फसल किसानों के लिए सबसे अहम होती है. लेकिन कई बार किसान उर्वरक का सही इस्तेमाल न कर पाने की वजह से फसल को नुकसान पहुंचा देते हैं. कन्नौज में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि अगर उर्वरक प्रबंधन सही तरीके से किया जाए तो पैदावार बढ़ाई जा सकती है और लागत कम की जा सकती है. इससे किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी.
सही मात्रा में करें उर्वरक का इस्तेमाल
कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि गेहूं की बुवाई के समय खेत में उर्वरकों का सही संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है. प्रति हेक्टेयर खेत के लिए किसानों को लगभग नाइट्रोजन 80 किलोग्राम, फास्फोरस 40 किलोग्राम और पोटाश 40 किलोग्राम की जरूरत होती है. इन उर्वरकों को सही समय और तरीके से खेत में मिलाने से फसल की जड़ें मजबूत होती हैं और पौधों की वृद्धि बेहतर होती है.
यूरिया देने का सही तरीका
विशेषज्ञों के मुताबिक, यूरिया की पूरी मात्रा को एक साथ डालना सही नहीं है. इसे दो या तीन हिस्सों में बांटना चाहिए ताकि फसल को समय-समय पर आवश्यक पोषक तत्व मिलते रहें. पहली आधी मात्रा को बुवाई के समय खेत में मिला देना चाहिए. बाकी बची हुई आधी मात्रा को दो भागों में बांटकर देना चाहिए. पहला भाग पहली सिंचाई के बाद तब डालें जब खेत में ‘ओट’ यानी हल्की नमी बनी रहे और पैर न धंसे. दूसरा भाग दूसरी सिंचाई के बाद डालना चाहिए जब खेत में फिर से ‘ओट’ आ जाए. इससे फसल को लगातार पोषण मिलता रहता है.
क्या बोले कृषि वैज्ञानिक सुशील कुमार
कृषि वैज्ञानिक सुशील कुमार ने बताया कि किसान भाइयों को यूरिया कभी भी पानी में बहाकर या सिंचाई से ठीक पहले नहीं डालना चाहिए. ऐसा करने से यूरिया का फायदा फसल को नहीं मिल पाता और करीब 15 से 20 प्रतिशत तक उर्वरक बर्बाद हो जाता है. उन्होंने बताया कि यूरिया हमेशा सिंचाई के बाद तब डालें जब खेत में ओट आ जाए.
सुशील कुमार ने यह भी कहा कि गेहूं की फसल में पहली सिंचाई बुवाई के 21 से 25 दिन के बीच करनी चाहिए. इसी समय यूरिया की पहली टॉप-ड्रेसिंग करनी चाहिए. ऐसा करने से फसल की जड़ें मजबूत बनती हैं और पौधे तेजी से बढ़ते हैं.
सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं…और पढ़ें
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