Meerut Public Opinion : बिहार में सफल रहा SIR! अब यूपी की बारी, नहीं चलेंगे फर्जी वोटर्स; बोले- मेरठ के लोग
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Meerut News In Hindi : यूपी में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया की शुरुआत होते ही जहां राजनीतिक माहौल गर्मा गया है वहीं मेरठ के लोगों का कहना है कि बिहार में सफल साबित होने के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन से कमाल होगा. लोगों ने कहा कि इससे फर्जी वोटरों पर लगाम लगेगी और चुनाव प्रक्रिया और पारदर्शी बनेगी.
मेरठ : उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(SIR) प्रक्रिया की शुरुआत होते ही राजनीतिक माहौल गर्मा गया है. बिहार के बाद अब यूपी में भी इस अभियान को लागू किया गया है. सरकार जहां इस कदम को मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में अहम कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इस पर गंभीर सवाल उठा रहा है. इस प्रक्रिया के तहत आज से बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं. वे लोगों को गणना प्रपत्र दे रहे हैं, जिसमें नागरिकों को अपनी जानकारी भरनी होगी. इस फॉर्म की दो प्रतियां तैयार की जाएंगी एक बीएलओ के पास रहेगी और दूसरी मतदाता को दी जाएगी. गौरतलब है कि SIR अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची का शुद्धिकरण करना है, ताकि फर्जी या डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान कर उनके नाम सूची से हटाए जा सकें. आइए जानते हैं मेरठ के लोगों की इस मुद्दे पर क्या राय है.
प्रेरणा भारती का कहना है कि भारतीय चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई SIR प्रक्रिया एक स्वागतयोग्य कदम है, क्योंकि इसके माध्यम से वोटर लिस्ट में मौजूद विभिन्न खामियों का शुद्धिकरण किया जा सकेगा. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया को पूरा करते समय बीएलओ को विशेष सावधानी और सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि इसके उद्देश्य पर कोई सवाल न उठे. उनका मानना है कि अगर SIR प्रक्रिया पूरी तरह तथ्यात्मक और पारदर्शी तरीके से की जाएगी, तो विपक्ष को भी आरोप लगाने का कोई अवसर नहीं मिलेगा और वोट का दुरुपयोग रोका जा सकेगा.
राजनीतिक दलों को करना चाहिए सहयोग
वहीं, युवा आर्रन का कहना है कि राजनीतिक दलों को SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय इसमें सक्रिय सहयोग देना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया डुप्लीकेट वोटर्स या अन्य गड़बड़ियों को दूर करने में मदद करेगी. साथ ही, क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों को भी इसमें शामिल होकर प्रशासन की सहायता करनी चाहिए ताकि यह ऐतिहासिक पहल सफल हो सके.
हर वोट जरूरी
दिव्यांका ने कहा कि भविष्य को देखते हुए SIR प्रक्रिया एक सार्थक और दूरदर्शी कदम है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि बिहार में यह पहल सफल रही थी, और अब उत्तर प्रदेश में भी इसके शुरू होने से मतदाताओं को राहत मिलेगी. मतदान के दिन जब लोग अपने नाम ढूंढने में परेशान होते हैं, अब ऐसी स्थिति से बचा जा सकेगा. इसी क्रम में तनिष्क ने भी कहा कि हर वोट की कीमत होती है, इसलिए वोट का दुरुपयोग रोकने के लिए यह मुहिम बेहद जरूरी है. उन्होंने जनता से अपील की कि वे भी इस प्रक्रिया में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं ताकि वास्तविक मतदाता अपने मतदान अधिकार का उपयोग कर सही सरकार के चयन में योगदान दे सकें.
मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें
मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु… और पढ़ें