न पड़ेगी मौसम की मार, न होंगी फसलें बर्बाद, कानपुर में खोजा गया ऐसा माध्यम

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न पड़ेगी मौसम की मार, न होंगी फसलें बर्बाद, कानपुर में खोजा गया ऐसा माध्यम


Agency:News18 Uttar Pradesh

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Agricultural News : फसलों को कब बारिश से बचाना है, कब उसमें पानी की जरूरत है, ये सभी जरूरी सूचना अब किसानों को घर बैठे मिल जाया करेगी. कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय ने किया कमाल.

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कृषि विश्वविद्यालय

हाइलाइट्स

  • किसानों को मौसम और फसलों की जानकारी एक पोर्टल पर मिलेगी.
  • कानपुर कृषि विश्वविद्यालय ने पोर्टल तैयार किया है.
  • 22 जिलों के किसानों को हर सेकंड मिलेगी जानकारी.

कानपुर. उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है. अब उन्हें मौसम और अपनी फसलों से जुड़ी जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. अब ऐसी जानकारियां सेकंडभर में एक ही जगह पर मिल जाया करेंगी. कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने किसानों की मदद के लिए एक पोर्टल तैयार किया है. इस पोर्टल के माध्यम से किसानों को उनके क्षेत्र की मौसम की संपूर्ण जानकारी और किस समय पर किस फसल का कैसे रखरखाव करें इत्यादि के बारे में तुरंत पता चल जाएगा. इसकी मदद से वे अपनी फसलों का अधिक उत्पादन हासिल कर सकेंगे.

घर बैठे सुविधा

इस पोर्टल से उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के लाखों किसानों को मौसम और फसलों से जुड़ी सारी जानकारी हर सेकंड मिला करेगी. किसान अपनी खेती को लेकर मौसम पर निर्भर रहते हैं. मौसम के अनुसार ही वह अपनी फसलों की बुवाई और कटाई करते हैं. फसलों को कब बारिश से बचाना है, कब फसलों में पानी की जरूरत है, ये सभी बेहद जरूरी सूचना हैं. अब इन सभी की जानकारी इस पोर्टल के माध्यम से किसानों को घर बैठे मिल जाया करेगी.

व्हाट्सएप पर सूचना
किसानों के पास सारी जानकारी समय से पहुंचे और उन्हें अपनी फसलों के रखरखाव में कोई समस्या न हो इसका विशेष ध्यान कृषि विश्वविद्यालय ने रखा है. प्रत्येक जिले में व्हाट्सएप ग्रुप भी तैयार किए गए हैं जिनके माध्यम से किसानों को खेती संबंधी सारी जानकारियां भेजी जाएंगी. कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के शोध निदेशक डॉ. पीके सिंह ने बताया कि इस पोर्टल पर किसानों के नंबर लेकर उनको रजिस्टर्ड किया जाएगा. व्हाट्सएप ग्रुप में भी मौसम और फसलों की जानकारी किसानों को दी जाएगी. हर शुक्रवार और मंगलवार को एडवाइजरी भी एसएमएस के जरिये जाएगी. कृषि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर इस पोर्टल का लिंक अपलोड कर दिया गया है.

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